इंदौर. शहर के बड़ी ग्वालटोली क्षेत्र में इन दिनों श्वानों का आतंक है। दुपहिया वाहन चालकों को पता ही नहीं चलता है और अचानक लपकते हैं। तेज स्पीड में कई बार वाहन चालक गिरकर गंभीर घायल हो चुके हैं। हालात यह हैं कि राहगीर भी परेशान हैं। विशेषकर छोटे बच्चे, महिलाएं व वृद्ध तो इनसे डर-डर कर चलते हैं। गीताभवन क्षेत्र के पास में हॉस्टल के बच्चे भी रहते हैं। उन्हें स्कूल, कॉलेज व कोचिंग आने-जाने में परेशानी होती है। रहवासी जितेंद्र जैन ने बताया कि यहां पर रात तो रात, दिन के समय में भी श्वानों के कारण निकलने में डर लगता है। डर इतना है कि कॉलोनी के रहवासी छोटे बच्चों को खुद छोडऩे स्कूल जाते हैं। शाम को तो बच्चों ने बाहर खेलना ही बंद कर दिया है। वहीं, पहले शाम व सुबह बुजुर्ग टहलते थे लेकिन श्वानों के चलते अब उन्हें भी डर लगता है। कई बुजुर्ग तो साथ में लाठी लेकर चलते हैं ताकि इन्हें भगाया जा सके। गोपाल मिश्रा के अनुसार करीब एक पखवाड़े पूर्व एक बालिका यहां से गुजर रही थी और अचानक समूह में श्वान लपकने लगे। यह तो गनीमत रही कि कुछ लोग उस समय वहां से गुजर रहे थे, उन्होंने श्वानों को भगा दिया। इसी तरह सप्ताह भर पूर्व एक दुपहिया वाहन चालक गिर गया। उसके हेलमेट नहीं पहना होता तो गंभीर हालात हो सकते थे। ऐसा नहीं है कि जिम्मेदारों को अवगत नहीं करवाया है। कई बार पार्षद से लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को बताया। लेकिन, आश्वासन से बात आगे नहीं बढ़ रही है। जबकि, दावा किया जाता है कि आवारा पशुओं से शहर को मुक्त कराने के पूरे प्रयास जारी हैं। कॉलोनियों में ऐसा नजर नहीं आ रहा।