एआइसीटीसीएल की बैठक में आइबस संचालन की बनेगी रणनीति
इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद जबलपुर हाई कोर्ट ने बीआरटीएस को हटाने का आदेश जारी कर दिया। उसका स्वागत करते हुए महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बीआरटीएस को जल्द ही खत्म करने की बात कहीं। बोले कि हटाने से पहले संपत्ति यानी रेलिंग व बस स्टैंड को नीलाम किया जाएगा। वहीं, आइ बस के संचालन को लेकर भी एआइसीटीसीएल की बैठक रखकर रणनीति बनाई जाएगी।
राजीव गांधी चौराहे से निरंजनपुर के बीच 11.5 किमी पर बने बीआरटीएस को लेकर डेढ़ दशक से बवाल मचा हुआ था जो गुरुवार को समाप्त हो गया। जबलपुर हाई कोर्ट ने आदेश देते हुए बीआरटीएस को खत्म करने का फैसला दे दिया। फैसले के बाद सबकी निगाह अब नगर निगम और एआइसीटीसीएल पर है कि इस दंश को कब तक हटाया जाएगा।
इस संबंध में एआइसीटीसीएल के अध्यक्ष व महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि हटाने को तो कल से ही हटाया जा सकता है लेकिन आइ बस के संचालन की व्यवस्था जुटाना होगा ताकि यात्री भी परेशान ना हो। इसको लेकर लेफ्ट साइड में बस स्टैंड तैयार किए जाएंगे। पलासिया की तर्ज पर ही टिकट काउंटर खोले जाएंगे। रैलिंग और मौजूदा बस स्टैंड को भी हटाना होगा जिसकी संपत्ति नीलामी किया जाएगा जिसके टेंडर जारी किया जाएगा। कुछ बस स्टैंड तो काफी बड़े और अच्छे बने हुए है। जल्द ही नीलामी को लेकर प्रक्रिया शुरू की जाएगीजिसके लिए बैठक बुलाई रखी जाएगी।