
उज्जैन.
जिला अस्पताल की सुनियोजित नई बिल्डिंग बनाने की कवायद है। ऐसा करने के लिए पहली जरूरत जिला अस्पताल के वर्तमान भवन व परिसर को खाली करने की होगी। हालांकि नए निर्माण या अस्पताल शिफ्टिंग को लेकर शासन से फिलहाल कोई आदेश नहीं आए लेकिन निकट भविष्य में इसकी जरूरत पड़ी तो बड़ी चुनौती वैकल्पिक स्थान की होगी। तब नए स्थान पर भर्ती करने के लिए न्यनूतम ३५० बेड और ७०० ओपीडी के मान से व्यवस्था करना होगी।
उज्जैन में बनने वाली प्रदेश की पहली मेडिसिटी के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की योजना है। इसको लेकर स्थानीय से प्रदेश स्तर पर मंथन चल रहा है। एक प्रस्ताव जिला अस्पताल के लिए एक ही जगह पर सर्वसुविधायुक्त नया भवन बनाने का भी है। वर्तमान परिसर में ही नई बिल्डिंग बनती है तो जिला अस्पताल संचालन के लिए अस्थायी रूप से इसे अन्य भवन में शिफ्ट करना होगा। सूत्रों के अनुसार, इस संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य प्रशासन ने जिला अस्पताल के अस्थायी स्थानांतरण के लिए वैकल्पिक स्थानों पर विचार-विमर्श शुरू कर दिया है।
अस्थायी शिफ्टिंग के लिए यह दो प्रमुख विकल्प
1. चरक भवन
प्लस पाइंट: जिला अस्पताल के नजदीक है। उपरी दो मंजिल में कुछ कार्यालय व वार्ड संचालित हैं लेकिन इन्हें खाली कर जिला अस्पताल के वार्ड बनाए जा सकते हैं।
माइनस पाइंट: मातृ-शिशु प्रकरण की संख्या पहले से ही काफी हैं, जिला अस्पताल शिफ्ट होने से भीड़ काफी बढ़ जाएगी। पहले से लिफ्ट की समस्या है, आखिरी की दो मंजिल पर भीड़ बढऩे से व्यवस्था और बिगड़ेगी।
2. माधवनगर अस्पताल:
प्लस पाइंट- तुलनात्मक यहां मरीज कम आते हैं। आधा अस्पताल खाली रहता है। अनुपयोगी नए वार्ड, आइसीयू उपलब्ध हैं। लिफ्ट संबंधित अधिक समस्या नहीं रहेगी।
माइनस पाइंट- पुराने शहर के साथ ही जिले व संभाग से आने वाले अधिकांश लोग आगररोड स्थित अस्पताल जाना अधिक सुलभ समझते हैं। दोनो अस्पताल की भीड़ एक ही भवन में आने पर व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी।
1. जिला अस्पताल
भवन- भूतल सहित दो मंजिल
कुल बेड क्षमता- ३५०
उपयोग होते हैं- ३५०
ओपीडी- औसत ६००
सुविधाएं- ६० बिस्तरीय मेडिसीन वार्ड, १० बिस्तरीय आइसीयू, इमरजेंसी, सर्जिकल, डायलिसीस युनिट इसीजी कक्ष, डीवीडी व इन्फेक्शन वार्ड, ओटी, इएनटी व हड्डी रोग विभाग, बर्न युनिट, मेडिकल, सोनोग्राफी, एक्स-रे, प्रशासनिक कार्यालय, भोजनशाला आदि।
2. मातृ-शिशु अस्पताल चरक भवन
भवन- भूतल सहित ६ मंजिल, बेसमेंट भी।
कुल बेड क्षमता- ४५०
उपयोग होते हैं- ४५०
ओपीडी- औसत ३५०
सुविधाएं- चार मंजिल तक ओपीडी, जच्चा व बच्चा वार्ड, ओटी, इमरजेंसी, लेबर रूम, १५ बिस्तरीय पीआइसीयू, २० वार्मर क्षमता का एनआइसीयू, सोनोग्राफी, फिजियोथेरेपी युनिट, ब्लड बैंक, सेंट्रल लेबोरेटरी, मेडिकल आदि। पांचवी मंजिल पर आई वार्ड, नसबंदी वार्ड। छठी मंजिल पर सीएस कार्यालय, ट्रेनिंग सेंटर आदि।
3. माधवनगर अस्पताल
भवन- भूतल सहित तीन मंजिल
कुल बेड क्षमता- १७०
उपयोग होते हैं- ११०
ओपीडी- औसत १८०
सुविधाएं- मेडिसिन सहित चार वार्ड, २० व १३ बेड के दो एक्टीव आइसीयू। इमरजेंसी, गायनिक वार्ड, मेडिकल। प्रशासनिक कक्ष।१०-१० बेड के दो नए पीआइसीयू व एचडीयू वार्ड लेकिन अभी इनका उपयोग नहीं। करीब ६० बेड के दो नए वार्ड तैयार लेकिन अभी इनका उपयोग नहीं।