OMG! बिहार में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला 14 महीने में 8 बार बनी 'मां'!

अपने देश की कई ऐसी घटना सामने आती है। जिनपर विश्वास करना बहुत मुश्किल है। हाल ही में बिहार से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसपर किसी भी यकीन नहीं होगा। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि महज 14 महीनें एक महिला 8 बच्चों को जन्म दिया है। यह कोई किसी फिल्म का किस्सा नहीं बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है।

By: Shaitan Prajapat

Updated: 17 Oct 2020, 10:40 PM IST

अपने देश की कई ऐसी घटना सामने आती है। जिनपर विश्वास करना बहुत मुश्किल है। हाल ही में बिहार से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसपर किसी भी यकीन नहीं होगा। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि महज 14 महीनें एक महिला 8 बच्चों को जन्म दिया है। यह कोई किसी फिल्म का किस्सा नहीं बल्कि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। बिहार में एक 65 वर्षीय महिला ने पिछले 14 महीनों में आठ बच्चियों को जन्म दिया है। ऐसे ही एक और मामले में एक अन्य महिला पिछले 9 महीनों में 5 बच्चियों की मां बन गई है। कुछ महिलाओं ने बच्चियों को जन्म देने पर मिलने वाली 'प्रोत्साहन राशि' लेने के लिए ऐसा किया।

 

यह भी पढ़े :— इन तरीकों से हो रही है बैंकिंग धोखाधड़ी, फ्रॉड से बचने के लिए आसान उपाय

9 महीनों में 5 बच्चियों को दिया जन्म
दरअसल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रावधान के तहत बालिका को जन्म देने पर राज्य के स्वास्थ्य विभाग से 1,400 रुपये बतौर 'प्रोत्साहन राशि' मिलती है। बिहार के मुजफ्फरपुर के मुशहरी ब्लॉक की 65 वर्षीय लीला देवी ने पिछले 14 महीनों में सभी 8 बेटियों को जन्म दिया और 'प्रोत्साहन राशि' प्राप्त की। ऐसे ही एक और महिला सोनिया देवी ने भी पिछले 9 महीनों में सभी 5 बच्चियों के जन्म के लिए प्रोत्साहन राशि ली है। जबकि ये महिलाएं केवल 'कागज पर' मां बनी हैं।

यह भी पढ़े :— ये है दुनिया की सबसे सेक्सी डॉक्टर, इलाज के नाम पर जानबूझ बीमार पड़ते हैं लोग

उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन
फिलहाल मामला संज्ञान में आने पर मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने इसकी जांच के लिए अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। चंद्रशेखर सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह एक घोटाले की तरह लग रहा है। हो सकता है कि इसमें सरकारी अधिकारी शामिल हों। हमने जांच के लिए एक टीम गठित कर दी है। लेकिन इन सबके बीच सरकारी अमले पर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही विभाग में अन्य घोटालों की भी कानाफूसी हो रही है। हालांकि इस पूरे मामले का खुलासा तब हो पाएगा जब इसकी निष्पक्ष जांच होगी।

Shaitan Prajapat
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned