
loss in business
ऐसा कोई एंटरप्रेन्योर नहीं जिसने बिजनेस में कभी किसी संकट का सामना न किया हो लेकिन सफलता के लिए संकट को संभालना आना जरूरी है।
बिजनेस के दौरान संकट आना स्वाभाविक है। ऐसा शायद ही कोई एंटरप्रेन्योर होगा जिसने बिजनेस के दौरान कभी किसी समस्या या मुसीबत का सामना ना किया हो। हालांकि, इस संकट से हार मान लेना आपको हमेशा विफलता की ओर ले जाता है, वहीं, समस्या का हल निकालकर आप सफलता हासिल कर पाते हैं।
अनिश्चितता और एंटरप्रेन्योरशिप साथ-साथ चलते हैं। हालांकि, हर एंटरप्रेन्योर इस एक बात को लेकर निश्चित हो सकता है कि वह बिजनेस के दौरान कभी न कभी किसी मुसीबत या संकट का सामना जरूर करेगा जो उसके बिजनेस को प्रभावित करेगा। क्राइसिस का मतलब है कोई भी ऐसी भीतरी या बाहरी घटना जिसकी वजह से आपकी कंपनी या बिजनेस पर नकारात्मक असर पड़े। इन मुसीबतों में प्राकृतिक आपदाएं, सामाजिक-आर्थिक बदलाव, कंपनी द्वारा या उसके खिलाफ कोई आपराधिक गतिविधि, रेगुलेटरी या सरकारी एंगेजमेंट, लेबर या स्टाफ से संबंधित चुनौतियां, प्रोडक्ट सेफ्टी इशूज, साइबर हमले आदि शामिल हैं। इन सभी घटनाओं में आपके बिजनेस को नकारात्मक रूप से प्रभावित करने की क्षमता है। एक एंटरप्रेन्योर होने के नाते आपको खुद को और अपनी कंपनी को इस संकट से बाहर निकालना होता है। चूंकि, हर मुसीबत और बिजनेस अलग होता है तो हर स्थिति को संभालने का तरीका भी अलग होना चाहिए। आपको हर संकट के लिए अपने बिजनेस के हिसाब से कोई रास्ता या समाधान खोजना चाहिए, दूसरों के हिसाब से नहीं। आइए जानते हैं कि आप बिजनेस पर आने वाले संकट की स्थिति से कैसे निपट सकते हैं -
संकट से पहले तैयारी करें
इसका मतलब यह है कि आपको किसी भी संकट के आने से पहले ही उससे निपटने की तैयारी कर लेनी चाहिए। चूंकि, आप बिजनेस कर रहे हैं तो आपको यह पता होना चाहिए कि आपको आगे चलकर किस तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। आपको समस्या आने का इंतजार करने के बजाय पहले से ही उसके हिसाब से योजना तैयार कर लेनी चाहिए। आपको उन चीजों या स्थितियों का अंदाजा पहले ही लगा लेना चाहिए जिनकी वजह से आपके बिजनेस में रुकावट आ सकती है या बिजनेस विफलता की ओर बढ़ सकता है। अंदाजा लगाने के बाद आपको समस्या से निपटने का हल भी खोज लेना चाहिए और पहले ही तैयार हो जाना चाहिए। इस तरह से आप समस्या आने पर घबराएंगे नहीं और ना ही गलत निर्णय लेंगे। पहले तैयारी कर लेने से आप सफलतापूर्वक समस्या से निपट सकेंगे। वहीं, अगर आप संकट आने का इंतजार करेंगे तो आप विफलता की ओर जा सकते हैं।
सबको शामिल करें
सफल एंटरप्रेन्योर वही होता है जो हर किसी को साथ लेकर चलता है चाहे वह उसका स्टाफ हो या पार्टनर्स। यह साथ अच्छे समय के साथ-साथ बुरे समय में भी होना चाहिए। अगर आपकी कंपनी किसी समस्या का सामना कर रही है तो आपके स्टाफ और पार्टनर को इस बारे में पता होना चाहिए। इस तरह से वह अपनी सलाह देकर समस्या का हल ढूंढने में मदद कर सकते हैं। साथ ही नियमित मीटिंग्स के जरिए आप आने वाली समस्याओं के बारे में भी पता कर सकते हैं और उनके लिए योजना बना सकते हैं। इससे आप बिजनेस को मुसीबतों से बचा सकते हैं।
कुछ प्लान जरूर करें
यह बात सच है कि आप हर किसी समस्या या संकट के लिए योजना नहीं बना सकते लेकिन कुछ न कुछ प्लानिंग तो कर ही सकते हैं। आप अपने स्टाफ या पार्टनर्स या प्रतिस्पर्धियों से बातचीत करके इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह की समस्या आ सकती है। इस आधार पर आप फुलप्रूफ योजना भले ही ना बना सकें लेकिन समस्या से निपटने के लिए कुछ न कुछ प्लान तो कर ही सकते हैं। हमेशा याद रखें कि जब भी बिजनेस में कोई समस्या आएगी तब आपकी यही छोटी सी योजना भी बहुत काम आएगी।
नए संकट के लिए भी योजना जरूर बनाएं
एक सफल एंटरप्रेन्योर वही होता है जो उस संकट को भी पहचान लेता है जो उस क्षेत्र के लिए नया होता है। सामान्य समस्याओं का पता तो अधिकतर एंटरप्रेन्योर्स को होता है लेकिन कई बार ऐसी समस्याएं भी आती हैं जो नई होती हैं। अत: आपको कंपनी के कंफर्ट जोन से आगे जाकर भी समस्याओं के बारे में सोचना चाहिए और उनके लिए प्लानिंग करनी चाहिए।
एक बुरी चीज से होती है दूसरी
एक एंटरप्रेन्योर के तौर पर यह बात हमेशा याद रखें कि एक समस्या की वजह से दूसरी समस्या भी खड़ी हो सकती है। यह दूसरी समस्या पहली से बड़ी भी हो सकती है। जो एंटरप्रेन्योर इस बात को नजरअंदाज कर देते हैं, वह अक्सर ही विफल हो जाते हैं। अत: आपको हर समस्या को सही तरह से मैनेज करना चाहिए ताकि दूसरी नई समस्या पैदा ही न हो।
समझें, संकट जरूर आएगा
अगर आप अपने बिजनेस में सफल होना चाहते हैं तो आपको यह बात समझनी होगी कि बिना समस्याओं के बिजनेस आगे नहीं बढ़ सकता। आपको यह मानकर चलना होगा कि भविष्य में आपको समस्याओं का सामना करना ही होगा। सब चीजें हमेशा आसानी से नहीं होंगी और न ही सफलता तक आप बिना किसी समस्या के पहुंच सकेंगे। जब आप यह समझ लेंगे, तब आप हर संकट से सही तरह से निपट सकेंगे।
कमजोरियां पहचानें
किसी भी संकट के आने से पहले आपको अपनी कमजोरियों को पहचानना होगा। ऐसा नहीं होना चाहिए कि समस्या आ जाए और तब आपको अपनी किसी कमजोरी का पता चले। जब आप समय से कंपनी, स्टाफ या खुद की कमजोरियों का पता कर लेंगे, तब आप समय रहते उन्हें सुधार भी सकेंगे। इससे संकट के वक्त आपको कमजोरी की वजह से हार का सामना नहीं करना पड़ेगा। अत: समय रहते अपनी कमजोरियों की पहचान करें और उन्हें सुधारने की कोशिश करें।
हमेशा आशावादी न रहें
माना कि आशावादी होना आपके बिजनेस के लिए अच्छा है लेकिन हमेशा आशावादी बने रहना आपको मुसीबत में डाल सकता है। अगर आपको पता है कि समस्या आने वाली है, लेकिन आप अपने आशावादी नजरिए की वजह से यह सोचकर बैठे रहते हैं कि वह समस्या टल जाएगी और उसके बारे में कोई योजना नहीं बनाते तो आपको विफलता का सामना करना पड़ सकता है। सफलता पाने के लिए आपको कभी-कभी आशावादी नजरिया छोडऩा पड़ता है।
Published on:
13 Dec 2017 11:46 am
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