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वर्क लाइफ बैलेंस बनाएं और भर लें जीवन खुशियों से

अगर आप जॉब कर रहे हैं तो अक्सर आप काम और जीवन के बीच में उलझ जाते होंगे।

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Amanpreet Kaur

Apr 05, 2018

work life balance

work life balance

अगर आप जॉब कर रहे हैं तो अक्सर आप काम और जीवन के बीच में उलझ जाते होंगे। ऐसे में सही निर्णय लेकर आप वर्क-लाइफ बैलेंस को संतुलित बनाए रखते हैं। आपको अपने रूटीन में बदलाव करना होगा। इसी से आपकी प्रोडक्टिविटी बढ़ सकती है।

हर व्यक्ति को संतुष्ट रहने के लिए अपनी प्राथमिकताएं तय करनी चाहिए। सबसे पहले जिंदा रहने के लिए भोजन, पानी, घर फिर सुरक्षा, प्यार , सामाजिकता और आत्म सम्मान की जरूरत होती है। इसके बाद ज्ञान, सुंदरता और लक्ष्य प्राप्त करने का अहसास जरूरी होता है। अगर पूरी प्लानिंग के साथ अपना जीवन व्यतीत करते हैं तो तय कर सकते हैं कि कब काम पर फोकस करना है और कब परिवार पर।

असंतुलन के ५ कारण

सामाजिक अपेक्षाएं

समाज हमारे लिए अवास्तविक लक्ष्य सेट कर देता है। इससे काफी तनाव पैदा होता है। परिणामस्वरूप एग्जाम में औसत नंबर आने, पर्याप्त न कमा पाने या परिवार की इच्छाएं पूरी न कर पाने पर तनाव का अनुभव होता है।

बहुत बड़े सपने

दिमाग में बहुत बड़े सपने होने पर इंसान सिर्फ उसी में डूबा रहता है। उसे छोटी-छोटी विफलताएं बुरी लगती हैं, वह लोगों से कटा-कटा रहता है और अंत में दुखी हो जाता है। वर्क-लाइफ बैलेंस के लिए खुद को सही तरह से जानना बहुत जरूरी है।

परफेक्शन की चाह

सोशल मीडिया प्लेटफॉम्र्स जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक शानदार जिंदगी की झूठी तस्वीर पेश करते हैं। लोगों के फैशन , फैमिली, फ्रेंड, फूड और फन की तस्वीरें देखकर आप जिंदगी के हर एरिया में परफेक्शन की चाह रखने लगते हैं।

डिप्रेशन से भागना

डिप्रेशन और बर्नआउट समाज में अस्वीकार्य कमियां हैं। लोग इन विषयों पर किसी के सामने बात नहीं करते हैं। इससे खुद को और परिवार को काफी नुकसान होता है। इसके लिए आपको अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव करना चाहिए।

सही चयन का अभाव

इस दुनिया में सब लोगों पर एक जैसे नियम लागू होते हैं। वर्कप्लेस पर फिक्स्ड पॉलिसीज के कारण आप अपनी लाइफ को कंट्रोल नहीं कर पाते। आपको अपनी लाइफ में ऐसा कॅरियर चुनने की कोशिश करनी चाहिए, जो आप पर फिट बैठता हो।

ऐसे बनाएं बैलेंस

अनप्लग रहें

मोबाइल फोन और इंटरनेट से दूर रहने के लिए दिन का एक समय अलॉट कर दें। इनका ज्यादा इस्तेमाल करने पर आराम करने, लोगों से जुडऩे और रुचि का काम करने का समय नहीं मिलता है। फोन और इंटरनेट से अनप्लग रखना जरूरी हो गया है।

दिन में एक घंटा निकालें

आपको खुद का सम्मान करना चाहिए। पूरे दिन में खुद के लिए एक घंटा निकालना चाहिए। इस समय का उसी तरह से सम्मान करें, जैसे आप अपने मैनेजर के समय का करते हैं। इस समय में अपनी पसंद की किसी खास आदत का निर्माण करें। दिनचर्या में खुद के लिए रोज एक घंटे निकालना जरूरी बना लें।

पांच का दम

उत्पादकता के लिए रूटीन में छोटे और बड़े ब्रेक्स जोडऩा जरूरी है। हर घंटे काम के बाद पांच मिनट का ब्रेक लें। एक काम से दूसरे काम में शिफ्ट होने के दौरान पांच मिनट आराम करें। इससे आपको अपना फोकस शिफ्ट करने में मदद मिलती है।

तीन को चुनें

कोई भी व्यक्ति काम, नींद, परिवार, दोस्त और फिटनेस में से सिर्फ तीन का चुनाव कर सकता है। आपको पता करना चाहिए कि जीवन में आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं। जीवन के हर एरिया में अपनी सफलता के पैरामीटर्स को परिभाषित करें। जो काम आपको प्राथमिकताओं से दूर ले जाते हैं, उन्हें ना कहना शुरू करें।

छोटे कदम उठाएं

कुछ लोग जीवन में बदलाव के लिए बड़ी-बड़ी प्लानिंग करते हैं, पर असलियत में कुछ नहीं कर पाते हैं। एक सप्ताह में दो छोटे कदमों से ज्यादा न उठाएं। खुद को इन बदलावों में ढलने का मौका दें। बड़े बदलाव तुरंत खत्म हो सकते हैं। जीवन में छोटे-छोटे बदलाव करें और ऐसा लगातार तीन सप्ताह तक करें।

बदलाव की तलाश करें

अपनी लाइफ स्टाइल में बदलाव करने की कोशिश करें। क्लाइंट्स से ऑफ-टाइम में मीटिंग करें, ट्रैफिक में फंसने से बचें, घरेलू सामान ऑनलाइन मंगवाएं। ऐसी आदतें विकसित करने का प्रयास करें, जिनसे अच्छा पोषण, नींद और व्यायाम मिले। परिवार और टीम में खुद के लिए सपोर्ट सिस्टम बनाएं जो वक्त पर काम आ सके।

आदर्श लाइफ सर्किल

आप कामकाजी दिन के घंटे और छुट्टी के दिन कैसे व्यतीत करते हैं, इसके ट्रैक करने के लिए एक डायरी काम में लें। इन घंटों को काम, परिवार, मस्ती में बांटें। इन्हें जरूरी-गैरजरूरी की कैटेगिरी में रखें। यह मौजूदा लाइफ सर्किल है। इसके बाद आदर्श सर्किल बनाएं। इसमें इच्छित काम, समय और लोगों को जोड़ें। इसके प्राप्त करने के लिए गैरजरूरी कामों को लाइफ से हटाते जाएं।

मल्टीटास्किंग से बचें

मल्टीटास्किंग को न कहें। इससे तनाव कम होगा। जो भी काम कर रहे हैं, उसके चारों ओर बाउंड्री बनाएं। मान लें कि आप परिवार के साथ डिनर ले रहे हैं तो हर तरह के व्यवधान से दूर रहें। अगर आप टीम के साथ मीटिंग में हैं तो फोन पर ईमेल न पढ़ें। दिमाग भटकता रहेगा तो आप मौजूदा काम पर फोकस नहीं कर पाएंगे।