
winning trust
किसी का भरोसा जीतना आसान नहीं होता। दूसरों की नजरों में विश्वसनीय बनने के लिए आपको काफी मेहनत करनी पड़ती है। इसके साथ ही आपको अपनी बॉडी लैंग्वेज भी सही रखनी होती है। आपकी ये कुछ आदतें आपको दूसरों का विश्वास जीतने में मदद कर सकती हैं।
आई कॉन्टेक्ट बनाए रखें
जब भी आप किसी से बात करें तो उससे नजरें मिलाकर बात करें। आई कॉन्टेक्ट बनाए रखने से सामने वाला आपकी बात को गंभीरता से लेता है, साथ ही उसे लगता है कि आप उसकी बातों को ध्यान से सुन रही हैं। हालांकि, बात करते समय अपनी नजरें फोन पर रखने से या इधर-उधर घुमाने से आप कभी किसी की विश्वासपात्र नहीं बन सकतीं। ऐसा करने से सामने वाले को लगता है कि आप उसकी बातों में रुचि नहीं रखतीं या आप बोर हो रही हैं। याद रखें कि आई कॉन्टैक्ट से ऐसा न लगे कि आप किसी को घूर रही हैं।
हल्का टच बढ़ाएगा भरोसा
आप किसी दोस्त को सॉरी या थैंक्यू कहना चाहती हैं और अगर आप उसे कंधे पर या हाथ पर हल्के से छूकर ऐसा कहती हैं तो आप ज्यादा विश्वसनीय लगती हैं। आपके दोस्त को लगेगा कि आप वाकई अपनी गलती महसूस कर रही हैं या आप तहेदिल से उसकी शुक्रगुजार हैं। वहीं, अगर आप सिर्फ यह शब्द बोल देंगी तो उसे लगेगा कि आप सिर्फ कहने के लिए कह रही हैं, आप दिल से ऐसा नहीं चाहतीं। इससे वह कभी आपका भरोसा नहीं करेगा। हालांकि, वर्कप्लेस पर यह आदत न अपनाएं क्योंकि वहां आपके टच को गलत समझा जा सकता है।
पैरों व हाथों को क्रॉस न करें
हो सकता है कि आपको बात करते वक्त अपने पैर या हाथ क्रॉस करने की आदत हो लेकिन बता दें कि ऐसा करना सही नहीं है। आपके इस बॉडी पॉश्चर से सामने वाले को लगता है कि आप उस चीज के लिए तैयार नहीं हैं। आपकी बॉडी की इस पोजिशन से सामने वाले को नकारात्मक संदेश जाता है। सुनिश्चित करें कि जब भी आप किसी से बात करें तो हाथ व पैर सामान्य पोजिशन में रखें, ताकि सामने वाले को लगे कि आप उसके विचार सुनेंगी। इसके बाद वह विश्वास के साथ आपको अपने विचार बताएगा।
मुस्कुराएं और सिर हिलाएं
किसी से बात करते वक्त हल्का या मुस्कुराना और सिर हिलाना यह दर्शाता है कि आप उसकी बातों को ध्यान से सुन रही हैं और आपको उसकी बातों में रुचि है। इससे सामने वाला बिना हिचकिचाहट के विश्वास के साथ अपनी बात कहेगा। हालांकि, ध्यान रखें कि आप बहुत ज्यादा न मुस्कुराएं या ज्यादा सिर न हिलाएं। ऐसा करने से उसे लगेगा कि आप सिर्फ दिखावे के लिए उसे सुन रही हैं, जबकि आपकी रुचि नहीं हैं।
हथेलियां खुली रखें
बात करते समय किसी को अंगुली दिखाकर बात करने से उसे लग सकता है कि आप उसे पॉइंट आउट कर रही हैं। वहीं, बात करते वक्त अपनी मु_ी बंद करने से सामने वाले को लगता है कि आप गुस्सा हैं जबकि आपकी ऐसी कोई मंशा नहीं होती। अत: कोशिश करें कि जब भी किसी से बात करें तो अपनी हथेलियों को खोलकर रखें। इससे आपके व्यक्तित्व का खुलापन नजर आएगा और सामने वाला आप पर भरोसा करेगा।
लेवल पर आकर बात करें
ऊंची कुर्सी पर बैठकर दूसरों से बात करने से लगता है कि आप उन लोगों से ज्यादा ताकतवर हैं या वह लोग आपके अधीन हैं। ऐसे में आप कभी उन लोगों के विश्वसनीय नहीं बन पातीं। अगर आप किसी की बॉस हैं भी, तब भी कोशिश करें कि उनसे आराम से बात करें और अपनी पोजिशन को न दर्शाएं। ऐसा करने से आपको बेहतर आइडियाज मिलेंगे और वे लोग आपसे खुलकर बात कर पाएंगे।
नोट्स लेना कम करें
हो सकता है कि जब आप अपने सहयोगी से बात कर रही हों तब, नोट्स लेने जरूरी हों लेकिन ध्यान रखें कि नोट्स के चक्कर में आप आई कॉन्टेक्ट रखना न भूलें। अगर आप लगातार लिखती रहेंगी तो दूसरा शख्स आपको कुछ बताने में संकोच करेगा। आपको नोट्स लेता देख वह थोड़ा हिचक सकता है और हो सकता है कि वह आपको सारी बातें न बताए। इसलिए जब बहुत जरूरी हो, तभी नोट्स लें और वह भी पॉइंट्स के रूप में। बात करते वक्त आई कॉन्टेक्ट जरूर रखें, ताकि सामने वाला आप पर भरोसा करे।

Published on:
27 Dec 2017 10:08 am
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