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संस्कारी रोमांस

एक न्यूज साईट पर खबरों को देखते एक हेडिंग पर नजर पड़ी "पहल आप भी कर सकती है"

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Sunil Sharma

Oct 01, 2017

bedroom, romance

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- अंशुमाला

एक न्यूज साईट पर खबरों को देखते एक हेडिंग पर नजर पड़ी "पहल आप भी कर सकती है"। साफ था, बात महिलाओं के लिए लिखी थी तो फट से खबर पर चली गई। वहां सवाल था क्या आप का जीवन बहुत बोरिंग होता जा रहा है, दिल से आवाज आई हां, विवाह के एक दशक बीतने के बाद आप दोनों के बीच से रोमांस गायब है। दिल ने फिर जवाब दिया, हां बिलकुल सही कह रहे हो, क्या आप फिर से अपने जीवन में रोमांस लाना चाहती है, जीवन से बोरियत दूर करना चाहती है, दिल चीखा, हां भाई हां, तुम तो अंतर्यामी हों। तो पहल आप भी कर सकती है, अच्छा तो ये हमको रोमांस करना सिखाएंगे सिखाओ भाई हम सीखने को तैयार है।

पहला उपाय था पहले अपना बेडरूम बदलिए, इस पर दिमाग चिल्लाया पागल है क्या? मुंबई में प्रॉपर्टी के रेट पता है क्या, उससे सस्ते में तो पति-पत्नी बदल जायेंगे, आगे जब पढ़ा- बेडरूम की साज सज्जा बदलिये तब जान में जान आई। बेड पर नई अच्छी चादर डालिये, लो भाई नए चादर से रोमांस कैसे आयेगा, इतने सालों में कितने नए चादरें खरीद बिछा चुकी हूँ, जीवन वैसे ही बोरिंग है, खुद का ध्यान उस पर न गया तो दूसरे से क्या शिकायत करे, फिर भी कह रहे हों तो मान लेते हैं। कमरे में सुन्दर ताजे फूल रखे वो नई ऊर्जा भरते है, दिल प्रसन्न करते हैं और महंगे विदेशी फूलों के नाम गिना दिया। हमने कहा- अपने भारतीय गुलाब और रजनीगंधा में क्या खराबी है जो फूल रखने से कुछ फायदा हों तो हम तो बगीचा लगा दें, चलो ये भी किया।

आगे लिखा था, अब कमरा देखने में अच्छा हों, उसमे खुशबू भी अच्छी आनी चाहिए और लाइट भी रोमांटिक होनी चाहिए, इसके लिए अच्छी खुशबू वाले कैंडिल जलाइये। अरे कम्बख्त पहले ही लिख दिया होता कि बहन ये रोमांस वोमांस करना न बड़े लोगों के चोचले हैं। इसमें बड़ा खर्चा है मिडिल क्लास और मिडिल क्लास वाला दिमाग रखने वालों के बस और जेब का नहीं होता ये सब, तो पढ़ते ही नहीं। खुशबू तो हम २० रुपल्ली के मोगरे के गजरे और और मदम रौशनी तो अपने जीरो वॉट वाले बल्ब से भी ला देंगे, मुंबई जैसे गर्म जगह में जो घर में एसी न हो तो ये मोमबत्तियां जलेंगी कैसे पंखे में तो जलने से रही फिर तो लालटेन जलानी पड़ेगी और पता नहीं लालटेन से आती कैरोसिन की खुशबू में रोमांस का क्या होगा।

फिर लिखा था कमरे में खाने और पीने के लिए भी कुछ रखे, स्ट्राबेरी क्रीम के साथ, उनके पसंद की चॉकलेट, अच्छी क्वॉलिटी की शैंपेन। लिखने वाला जरूर विदेशी है, वरना कमरे में खाने के लिए कुछ रखने का नाम नहीं लेता। उसको पता नहीं है यहाँ तो भारतीय पति रात में इतना ठूंस के खा लेता है या खिला दिया जाता है कि वो पत्नी के मुंह डकार मार देता है, वो कमरे में आने तक पहले ही गले तक इतना भरा रहता है की वो और क्या खायेगा और कभी भारतीय पुरुषों को आम खाते देखा है, देखा होता तो फिर उनके फल खाने को रोमांस से जोड़ने की गलती कभी नहीं करते। और महाराज भारत में पीने का मतलब एक ही होता है और वो पत्नी के साथ नहीं दोस्तों के साथ होता है और उसके बाद रोमांस नहीं हुल्लड़ होता है। जाने दो ये भारत के लिए कुछ करना तुम्हारे बस का नहीं है।

उसके बाद बताया गया कि अब जब सब कुछ बदल दिया है तो अपने आप को भी बदलिए। कर दी न वही पतियों वाली बात, सारे बदलावों की जरुरत हमीं लोगों में है, मतलब बदलना है तो हम लोग ही बदलें, मतलब सारी बुराई हमी लोगों में है, मतलब जो करे हमी लोग करें। ये सब सोचते जब दिमाग साँस लेने के लिए रुका तो देखा लिखा था कुछ नये कपडे लीजिये, हाय ये पढ़ते ही दिल गार्डन गार्डन हो गया। पहले ही ये लिखना था, ना हम लोग तो हमेशा तैयार है कुछ नया ड्रेस खरीदने को बोलिये क्या क्या लेना है। तो जवाब था रेड नाइटी खरीदिये, अब ये क्या बात हुई की सिर्फ लाल रंग में ही रोमांस जगेगा मतलब की नीले, पीले, हरे में क्या खराबी है, उनकी रोमांस से क्या दुश्मनी है, कितने रंगो में नाइटी खरीद पहन चुके हैं, गदहे राम तुमको कुछ नहीं पता, खालीपीली लिखे हों, तुम इसमें से कुछ किया विया है, नहीं ऐसा लग रहा है, किसी पिच्चर विच्चर का स्क्रिप्ट यहाँ छाप दिए हो, कुछ भी हुंह। अंत में लिखे का लब्बो लुआब ये था कि यदि आप पति पत्नी है तो बहुत कुछ करते ही होंगे लेकिन रोज के कामों में फंस कर एक दूसरे को समय नहीं देते हैं, एक दूसरे से बात नहीं करते तो एक पूरी रात जागिए, बाते कीजिएं अपने बारे, रोमांस कीजिए।

जब ये सब पढ़ कर नीचे बढें तो अचानक पाठकों की प्रतिक्रिया पर नजर गई। बन्दे ने लिखा था, "क्या बकवास लिखा है हमारे देश की संस्कारी लडकियां ये सब नहीं करेंगी, ये सब हमारे देश की सस्कृति नहीं है।" ये पढ़ कर पीछे बैकग्राउंड में तीन बार बजा संस्कारी रोमांस, रोमांस, रोमांस। बेडरूम के संस्कार, संस्कार, संस्कार और मुंह से निकला ओय धत्त तेरे की ये बेडरूम के कौन से संस्कार होते हैं और ये संस्कारी तरीके से कैसे रोमांस किया जाता है, ये तो हमें आज तक पता ही न चला। मतलब रेड नाइटी की जगह लाल साड़ी पहन लिया जाए मोमबत्ती की जगह अगरबत्ती जला दिया जाये, स्ट्रबेरी क्रीम, शैंपेन की जगह नारियल पानी और बताशे रख दिए, और खुसबू वाले विदेशी फूलों की जगह गुड़हल के फूल रख दिए जाए। उसके बाद क्या होगा और हम कैसे दिखेंगे अब आप अंदाजा ही लगा लीजिए। बस लगेगा एक चौकी रख कर उस पर बैठ जाए और पति आते ही आप के चरणों में गिर बोले, बोलो पहाड़ों वाले माता की जय, बोलो सच्चे दरबार की जय और दोनों मिल कर माता का जागरण करेंगे रात भर पूरे मोहल्ले के साथ। जो आप को पता हो ये संस्कारी रोमांस क्या होता है तो हमें भी बताएं।