
In Picture - Sudanese people
सूडान (Sudan) में आर्मी और पैरामिलिट्री (अर्धसैनिक बल) रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ (Rapid Support Forces) के बीच चल रही जंग को 11 महीने पूरे हो गए हैं। रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ सूडान में आर्मी का दर्जा चाहती थी और आर्मी इसके खिलाफ थी। इसी वजह से दोनों पक्षों के बीच जंग छिड़ गई थी। अफ्रीकी महाद्वीप (African Continent) में स्थित सूडान में 15 अप्रैल को शुरू हुई इस इस जंग के चलते कई हज़ार लोगों की मौत हो चुकी हैं और उससे भी ज़्यादा घायल हो गए हैं। साथ ही लाखों लोग विस्थापित भी हुए हैं। रुक-रूककर दोनों पक्षों के बीच जंग चल रही है और इस वजह से देश में हालात अभी भी नहीं सुधरे हैं। हाल ही में यूएन - यूनाइटेड नेशन्स (UN - United Nations) की तरफ से सूडान में एक बड़े खतरे की जानकारी दी गई है।
50 लाख लोगों पर मंडरा रहा है भोजन का खतरा
यूएन के एक अधिकारी ने सिक्योरिटी काउंसिल को लिखे एक पत्र में जानकारी देते हुए बताया कि सूडान में 50 लाख लोगों पर भोजन का खतरा मंडरा रहा है। यह खतरा चल रहे युद्ध की वजह से बने हालातों की वजह से ही पैदा हुआ है।
मानवीय सहायता के बिना नहीं सुधरेंगे हालात
यूएन के अधिकारी ने अपने पत्र में इस बात की जानकारी दी कि सूडान में अगर भोजन समेत ज़रूरी मानवीय सहायता नहीं भेजी गई तो हालत नहीं सुधरेंगे। इसके लिए यूएन ने सूडान की आर्मी और पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज़ से भी मानवीय सहायता की सप्लाई को अनुमति देने की अपील की है।
Published on:
16 Mar 2024 12:33 pm
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