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पाकिस्तान में होगा कुछ ऐसा जो पहले कभी नहीं हुआ, पहली बार एक हिंदू महिला लड़ेगी चुनाव

Historic Thing To Happen In Pakistan: पाकिस्तान में कुछ ऐसा होने जा रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ। ऐसे में मन में सवाल आना लाज़िमी है कि पाकिस्तान में आखिर ऐसा क्या होने जा रहा है? आइए जानते हैं।

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Saveera Parkash

पाकिस्तान (Pakistan) में अगले साल 8 फरवरी को चुनाव होने वाले हैं। इससे देश का नया पीएम तय होगा। पाकिस्तान के कई बड़े नेताओं ने चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन भी भर दिया है। इनमें इमरान खान (Imran Khan) और नवाज़ शरीफ (Nawaz Sharif) जैसे पूर्व पीएम भी शामिल हैं। पर पाकिस्तान के चुनाव में कुछ ऐसा होने जा रहा है जो पाकिस्तान में पहले कभी भी नहीं हुआ है। पढ़कर मन में सवाल आना लाज़िमी है कि पाकिस्तान में आखिर ऐसा क्या होने जा रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ है? इसका जवाब है चुनाव में एक हिंदू महिला की भागीदारी।


पहली बार एक हिंदू महिला लड़ेगी चुनाव

पाकिस्तान में अगले साल होने वाले चुनाव में पहली बार एक हिंदू महिला चुनाव लड़ेगी। इससे पहले पाकिस्तान में ऐसा कभी नहीं हुआ है।

कौन है वह हिंदू महिला और कहाँ से लड़ेगी चुनाव?

पाकिस्तान में पहली बार चुनाव लड़ने वाली हिंदू महिला का नाम सवीरा प्रकाश (Saveera Parkash) है। सवीरा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) प्रांत के बुनेर (Buner) जिले से सामान्य सीट पर चुनाव लड़ेगी और इसके लिए उसने 23 दिसंबर को पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (Pakistan People's Party - PPP) की तरफ से नामांकन दाखिल किया है।


पिता की विरासत को बढ़ा रही है आगे

सवीरा के पिता ओमप्रकाश भी पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सदस्य रह चुके हैं। ऐसे में सवीरा अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही है। सवीरा पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी में महिला विंग की महासचिव के रूप में कार्यरत है और इस पद पर काम करते हुए सवीरा ने अपने समुदाय के कल्याण के लिए काम करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है।

क्या है सवीरा का लक्ष्य?

सवीरा मेडिकल परिवार से तालुक्कात रखती है। सवीरा के पिता एक डॉक्टर भी थे और खुद सवीरा भी मेडिकल की पढ़ाई कर चुकी है। पाकिस्तान में अस्पतालों की व्यवस्था काफी लचर है और सवीरा इसे सुधारना चाहती है। सवीरा पाकिस्तान में हिंदू समुदाय के लिए भी काम करना चाहती है जिससे न सिर्फ उनका विकास हो, बल्कि उनकी परेशानियाँ भी कम हो। इसके साथ ही सवीरा मानवता की सेवा करते हुए अपनी स्थानीय महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बनना चाहती है।

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