अमेरिका में इज़रायली दूतावास में काम करने वाले दो लोगों की गोली मारकर हत्या करने के मामले को ध्यान में रखते हुए इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा फैसला लिया है।
अमेरिका (United States Of America) की राजधानी वॉशिंगटन डीसी (Washington DC) में बुधवार की देर रात (भारतीय समयानुसार गुरुवार की सुबह) इज़रायली दूतावास (Israel Embassy) में काम करने वाले दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई ही। एक कार्य्रकम में शामिल होकर लौट रहे दोनों लोगों को बंदूकधारी हमलावर ने मार दिया। ऐसा करने से पहले उसने ‘फिलिस्तीन को आज़ाद करो” का नारा भी लगाया। इस घटना के बाद इज़रायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने एक बड़ा फैसला लिया है।
इस घटना पर बयान देते हुए नेतन्याहू ने कहा, "मेरा दिल उन युवाओं के परिवारों के लिए दुखी है, जिनकी जान एक घृणित यहूदी विरोधी हत्यारे ने एक पल में छीन ली। मैंने निर्देश दिया है कि दुनिया भर में इज़रायली मिशनों/दूतावासों और राज्य के प्रतिनिधियों के लिए सुरक्षा बढ़ाई जाए।"
इस बीच भारत (India) की राजधानी दिल्ली (Delhi) में इज़रायल दूतावास ने सोशल मीडिया पर इस घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, "हम वॉशिंगटन डीसी में अपने सहयोगियों, यारोन लिस्किंस्की और उनकी मंगेतर सारा मिलग्राम की दुःखद और क्रूर हत्या से बेहद दुखी हैं। इज़रायल, आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है। आतंकवाद, हमें गर्व के साथ अपने देश का प्रतिनिधित्व करने से नहीं रोक पाएगा।"
इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हमलावर का नाम एलियास रोड्रिगेज़ बताया जा रहा है, जिसकी उम्र 30 वर्ष है। उसने यहूदियों के प्रति नफरत की वजह से इस वारदात को अंजाम दिया।
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