
British Prime Minister Keir Starmer
Strait of Hormuz: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने शुक्रवार को कहा कि उनका देश और फ्रांस मिलकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नौवहन की सुरक्षा के लिए एक 'रक्षात्मक' मिशन का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मिशन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर कोई शुल्क न लगे और मार्ग पूरी तरह स्वतंत्र रहे। स्टार्मर यह बात उस समय कह रहे थे जब लगभग 50 देशों के प्रतिनिधि, प्रत्यक्ष और वर्चुअल रूप से, इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की स्वतंत्रता पर चर्चा के लिए इकट्ठे हुए थे।
भारत को भी इस बैठक में आमंत्रित किया गया था। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि भारत की भागीदारी और भूमिका के बारे में जानकारी बाद में शेयर की जाएगी।
दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत जीवाश्म ईंधन की आपूर्ति इसी जलडमरूमध्य से होती है, और इसके बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। स्टार्मर ने बताया कि इस विषय पर आगे की रणनीति तय करने के लिए अगले सप्ताह लंदन में एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन-फ्रांस की इस पहल का समर्थन नहीं किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि नाटो ने उनसे सहायता के बारे में संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने उन्हें दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जरूरत के समय नाटो उपयोगी साबित नहीं हुआ।
ईरान द्वारा युद्धविराम के दौरान जलडमरूमध्य को वाणिज्यिक जहाजों के लिए खोलने की घोषणा ने पेरिस में मौजूद नेताओं को चौंका दिया। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि मार्ग पूरी तरह खुला है, जिसकी पुष्टि ट्रंप ने भी की। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी प्रतिबंध जारी रहेंगे। ट्रंप ने एक अन्य बयान में दावा किया कि ईरान, अमेरिका की मदद से समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगों को हटा रहा है, हालांकि तेहरान की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि पेरिस में हुई बैठक में शामिल देशों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत, बिना किसी शर्त के, पूरी तरह खोलने की मांग की है। उन्होंने इस मार्ग के निजीकरण या जहाजों पर किसी भी प्रकार के शुल्क लगाने के प्रयासों का विरोध किया।
Published on:
17 Apr 2026 09:49 pm
बड़ी खबरें
View Allविदेश
ट्रेंडिंग
US Israel Iran War
