उन्होंने आगे कहा कि पिछले ढाई साल से इजरायल कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है, जिनका मकसद इजरायल को खत्म करना है। उनके मुताबिक, इस संघर्ष में इजरायल कई मोर्चों पर मजबूत साबित हुआ है और उसने ईरान के नेतृत्व वाले नेटवर्क को काफी कमजोर किया है। साथ ही, इस संघर्ष का असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी दिखाई देगा।