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इजरायल-लेबनान सीजफायर के बीच भारत का बड़ा बयान, इस बात का कर दिया समर्थन

India statement on Israel-Lebanon Ceasefire: गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल-लेबनान के बीच सीजफायर का सबसे पहले ऐलान किया। जिसके बाद शुक्रवार को मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा…

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भारत

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Saurabh Mall

Apr 17, 2026

Israel Lebanon ceasefire

इजरायल-लेबनान सीजफायर अपडेट। फोटो में पीएम मोदी- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली पीएम नेतन्याहू (सोर्स: ANI)

Israel-Lebanon Ceasefire Update: अमेरिका-ईरान युद्ध में एक नया मोड़ सामने आया है। बीते दिनों समझौते के बाद इजरायल ने कहा था कि सीजफायर के बाद अब वह ईरान पर हमला नहीं करेगा, लेकिन वह लेबनान समर्थक हिजबुल्लाह पर अटैक जारी रखेगा।

वहीं ईरान का मानना था कि उसके नियम (सीजफायर) के तहत कोई भी देश सिर्फ ईरान पर ही नहीं बल्कि लेबनान पर भी हमला नहीं करेगा। लेकिन हुआ इसके ठीक उल्टा… इजरायल ने लेबनान समर्थक हिजबुल्लाह पर भीषण हमले किए, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए।

इस बीच भारत ने शुक्रवार को इजरायल और लेबनान के बीच घोषित सीजफायर का स्वागत किया... और शांति की ओर ले जाने वाले हर कदम का समर्थन किया।

शुक्रवार को नई दिल्ली में एक साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- 'हम सीजफायर का स्वागत करते हैं। हम शांति की ओर ले जाने वाले हर कदम का स्वागत करते हैं।'

MEA का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गुरुवार को इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर की घोषणा के बाद आया है, जिसका मकसद ईरान संघर्ष से जुड़े एक और मोर्चे पर कुछ समय के लिए शांति लाना है।

इजरायल के विदेश मंत्री और भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब पूछा गया कि क्या भारत, हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करेगा और उसके हथियारों को लेकर क्या नीति है, तो उन्होंने साफ कहा कि भारत के पास इसके लिए एक तय प्रक्रिया है और उसी के तहत ऐसे फैसले लिए जाते हैं।

इसी बीच, इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने एक वर्चुअल बातचीत में कहा कि भारत का हमास को आतंकवादी संगठन घोषित करना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि हमास के संबंध लश्कर-ए-तैयबा जैसे अन्य कट्टरपंथी संगठनों से हैं।

गिदोन सार ने यह भी कहा कि उन्हें दुनिया भर के प्रमुख हिंदू नेताओं से बात करके खुशी हुई। उन्होंने बताया कि भारत और इजरायल के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं और दोनों देश इस संबंध को काफी महत्व देते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि पिछले ढाई साल से इजरायल कट्टरपंथी ताकतों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है, जिनका मकसद इजरायल को खत्म करना है। उनके मुताबिक, इस संघर्ष में इजरायल कई मोर्चों पर मजबूत साबित हुआ है और उसने ईरान के नेतृत्व वाले नेटवर्क को काफी कमजोर किया है। साथ ही, इस संघर्ष का असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगे भी दिखाई देगा।

बता दें लेबनान सीधे तौर पर इजरायल के साथ किसी औपचारिक युद्ध में शामिल नहीं है, लेकिन हिजबुल्लाह दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्सों को कंट्रोल करता है और उसने इजरायल पर हमले किए हैं, जिससे जवाबी हमले हुए हैं। हिज़्बुल्लाह पर लगाम न लगा पाने के कारण, लेबनान को इजराइली जवाबी कार्रवाई का खामियाजा भुगतना पड़ा है।