बताया जा रहा है कि अमरीका के इस कदम के पीछे रूस और चीन का डर सबसे अधिक जिम्मेदार है। अमरीकी उपराष्ट्रपति ने कहा, "वर्षों से हमारे विरोधियों ने हमारे नेविगेशन और कम्युनिकेशन सैटलाइट्स को जमीन से इलेक्ट्रॉनिक हमले कर जाम और प्रभावित करने की कोशिश की। अब उनकी मंशा साफ हो गई कि वह हमें सपेस में भी चुनौती दे रहे हैं। हमारे विरोधियों ने स्पेस को रणभूमि में बदल दिया है।हम उन्हें बताना चाहते हैं कि अमरीका इस चुनौती से पीछे नहीं हटेगा।