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आरक्षण में कोटा सिस्टम पर फिर भड़की हिंसा, अब तक 175 की मौत

Violence over reservation: आरक्षण में कोटा सिस्टम का ये मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 30 प्रतिशत आरक्षण को घटा कर 5 प्रतिशत कर दिया है।

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Violence over quota system in reservation in Bangladesh

Violence over reservation in Bangladesh: आरक्षण में कोटा सिस्टम को लेकर इस पूरे महीने हिंसा की आग से बांग्लादेश सुलगता रहा। बीच में कुछ दिनों की शांति के बाद अब ये आग फिर से भड़क गई है। कोटा सिस्टम के खिलाफ छात्रों ने फिर से हिंसक विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। ढाका (Dhaka) में बीती रात कई जगह हिंसक झड़प भी हुईं, जिसमें आधे दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। हालातों के मद्देनजर ढाका समेत कई अहम शहरों में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है। वहीं बांग्लादेश के हालातों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने देश में शांति बनाने की अपील की है।

UN ने की शांति बनाने की अपील

संयुक्त राष्ट्र (UN) के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू होने पर 'शांति और संयम' की अपील की है। एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि UN महासचिव 'बांग्लादेश की स्थिति को लेकर बहुत चिंतित हैं। एंटोनियो गुटेरेस ने आज छात्रों के विरोध प्रदर्शन फिर से शुरू होने की खबरों पर गौर किया है तथा शांति और संयम की अपील को दोहराया है।"

उन्होंने आगे कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने ढाका और न्यूयॉर्क में अधिकारियों के साथ अपनी चिंता व्यक्त की है। हम बांग्लादेश से उम्मीद करते हैं कि वह मानवाधिकारों का सम्मान करेगा और उनका पालन करेगा, खासकर जब वह संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशनों में सबसे बड़ा सैन्य योगदान देने वाला देश है।

इसलिए दोबारा शुरू हुआ प्रदर्शन

बता दें कि प्रदर्शनकारी छात्र सरकारी नौकरियों में स्वतंत्रता सेनानियों के रिश्तेदारों को 30 प्रतिशत आरक्षण देने का विरोध कर रहे हैं। ये  बांग्लादेश के वो सेनानी थे जिन्होंने पाकिस्तान से आजादी दिलाई थी। ढाका के अधिकारियों के अनुसार, पाकिस्तानी सैनिकों और उनके समर्थकों द्वारा की गई नरसंहार में 30 लाख लोग मारे गए थे।

हिंसा को देखते हुए ये मामला जब बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट में गया तो कोर्ट ने आरक्षण को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिए था जिसके बाद छात्र नेताओं ने पिछले सप्ताह विरोध प्रदर्शन रोक दिया था। लेकिन सरकार ने छात्र नेताओं को रिहा करने की मांग को पूरा नहीं किया, इसलिए छात्रों ने सोमवार को फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

हिंसक घटनाओं में 175 की मौत

बता दें कि इस पूरी हिंसक घटनाओं में पुलिसकर्मियों समेत 175 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और एक हजार से ज्यादा घायल हुए हैं। UV की तरफ से प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि गुटेरेस सुरक्षाबलों के अत्यधिक बल प्रयोग और मानवाधिकार उल्लंघन की खबरों से चिंतित हैं। उन्होंने दोहराया है कि हिंसा की सभी घटनाओं की तुरंत, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

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