
हरियाणा में जहां देशभर में कन्या भ्रूण हत्या के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। वहां की तीन बेटियों ने देश में नाम कमाया है। देशसेवा के लिए एक ही परिवार की तीन बेटियां एक साथ आर्मी मेडिकल काॅर्प्स में लेफ्टिनेंट बनी हैं। इनमें दो सगी और एक चचेरी बहन शामिल हैं।
इन तीनों ने अलग-अलग आर्मी मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की है। तीनों की ज्वाइनिंग भी अलग है। बेटियों की इस उपलब्धि पर परिवार के लोग खुश हैं, वे कहते हैं बेटियों ने मान बढ़ा दिया।
झज्जर के खेड़का गुर्जर गांव के किसान प्रताप सिंह देशवाल के परिवार में कोई भी सेना में नहीं रहा। बेटियां बचपन में ही सेना में जाने का सपना देखती थीं।
बेटी प्रीति व दीप्ति को प्रताप सिंह ने बेटों की तरह पाला। यही नहीं भतीजी ममता को भी उन्होंने ही पढ़ाया। महंगी पढ़ाई होने के बावजूद इस किसान ने हर कदम पर बेटियों का साथ दिया।
दो सगी और एक चचेरी बहन
परिवार की तीनों बेटियां इस समय ड्यूटी पर हैं। दीप्ति व प्रीति के पिता प्रताप सिंह देशवाल का कहना है कि उन्होंने बेटियों को कोई कमी महसूस नहीं होने दी। ममता की मां सुमित्रा ने कहा है कि अगर बेटियों को सुविधाएं दी जाएं तो वे किसी मायने में बेटों से कम नहीं हैं।
एक साथ पढ़ाई, एक साथ सलेक्शन
प्रीति व दीप्ति ने बारहवीं तक पढ़ाई ज्योति प्रकाश स्कूल व ममता ने हिमालयन स्कूल से की। 2012 में तीनों का एक साथ आम्र्ड फोर्सेज मेडिकल कॉलेज में दाखिल लिया। प्रीति का सलेक्शन कोलकाता, दीप्ति का मुंबई व ममता का पुणे में सलेक्शन हुआ।
16 दिसंबर को ममता, 23 दिसंबर को दीप्ति व 24 दिसंबर को प्रीति को कमीशन मिला है। प्रीति वैलिंग्टन ऊटी, दीप्ति आगरा और ममता रानीखेत के मिलिट्री हॉस्पिटल में काम करेंगी।
Published on:
31 Dec 2016 09:12 am
