
Subramanian Swamy
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एयरसेल मैक्सिस सौदे में तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम द्वारा अवैध तरीका अपनाए जाने के आरोपों पर सबूत मांगे हैं। कोर्ट ने याचिकाकर्ता भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी से दो हफ्ते में चिदंबरम के खिलाफ ठोस सबूत देने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एनवी रमन्ना की तीन सदस्यीय बेंच ने कहा कि अगर आप चाहते हैं कि हम सीबीआई से जवाब मांगे तो आपको हमें ठोस सामग्री देनी होगी। स्वामी ने कोर्ट को बताया कि मामले में सीबीआई चिदंबरम के खिलाफ प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दर्ज की थी।
हालांकि एजेंसी ने आगे कोई कार्रवाई नहीं की। स्वामी ने कहा कि वह दो जांच एजेंसियों की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर जांच चाहते हैं। वहीं कोर्ट ने कहा कि हम देश के छोटे से छोटे और बड़े से बड़े व्यक्ति को तभी नोटिस जारी करेंगे जब इसके मामले में कोई सबूत होंगे।
अनुमति के बिना डील को मंजूरी दी
सुब्रमण्यम स्वामी ने याचिका में कहा है कि मार्च 2006 में एयरसेल मैक्सिस डील में तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कैबिनेट की अनुमति के बिना ही मंजूरी दी। जबकि यह डील 3500 करोड़ रुपए की थी।
नियमों के मुताबिक, वित्त मंत्री 600 करोड़ रुपए तक की डील को ही मंजूरी दे सकते थे। वहीं शीर्ष कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को पहले कोर्ट में प्रथम दृष्टया सबूत मटेरियल के तौर पर पेश करने होंगे तब हम नोटिस जारी करेंगे।
Published on:
11 Feb 2017 08:19 am

