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हंगपन दादा को मरणोपरान्त मिलेगा अशोक चक्र, मरने से पहले चार आतंकियों को किया था ढेर

शहीद हवलदार हंगपन दादा को उनके साहस और बलिदान के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। 70वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सरकार ने वीरता पुरस्कारों का ऐलान किया।
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Ambuj Shukla

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Aug 14, 2016

शहीद हवलदार हंगपन दादा को उनके साहस और बलिदान के लिए अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा। 70वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सरकार ने वीरता पुरस्कारों का ऐलान किया। इनमें एक अशोक चक्र, 14 शौर्य चक्र, 63 सेना, 2 नौसेना और 2 वायुसेना मेडल्स शामिल हैं।

आपको बता दें कि हंगपन दादा इसी साल मई में शहीद हुए थे। 27 मई को उत्तरी कश्मीर में कुछ हथियारों से लैश कुछ आतंकी भारतीय सीमा क्षेत्र में घुस आए थे। इस आतंकी मुठभेड़ में हंगपन दादा को वीरगति प्राप्त हुई। मरने से पहले हंगपन दादा ने दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए चार आतंकियों को मार गिराया था।

अशोक चक्र युद्ध के अलावा शांति काल में जवानों को दिया जाने वाला सबसे बड़ा मेडल है। यह सम्मान सैनिकों और आम नागरिकों को बहादुरी के लिए मिलता है। जो मरणोपरान्त भी दिया जा सकता है।

36 साल के शहीद हांगपान अरुणाचल के बदौरिया गांव के रहने वाले थे और साथियों के बीच 'दादा' नाम से मशहूर थे। अब उनके परिवार में पत्नी चासेन लवांग, 10 साल की बेटी रौखिन और 6 साल का बेटा सेनवांग हैं।

मई में हुई इस आतंकी घुसपैठ में झाड़ी में छिपे हुए आतंकियों से सीधे मुठभेड़ में दादा बुरी तरह जख्मी हो गए थे जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी।