ग्वालियर। सिटी कोतवाली थाना परिसर मुरैना में मंगलवार को जहर खाने वाली कीर्ति (34) पत्नी सतेन्द्र सिकरवार निवासी रविदास नगर की ग्वालियर पहुंचने से पूर्व रास्ते में ही मौत हो गई। वहां पीएम कराने के बाद बुधवार दोपहर शव लेकर परिजन कोतवाली पहुंचे और घेराव कर दिया। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सिटी कोतवाली थाना प्रभारी ने उनको आश्वासन दिया कि मर्ग डायरी प्राप्त होते ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। उसके बाद परिजन महिला के शव को लेकर घर चले गए। महिला के पति सतेन्द्र सिकरवार ने बताया कि छोटे भाई रामू की पत्नी रेनू, उसका ससुर सुभाष भदौरिया, साला लला, भूरा आदि ने मेरी पत्नी को कोतवाली परिसर में मंगलवार को दबाव बनाकर जहर खिला दिया।
19 अगस्त को छोटे भाई की पत्नी रेनू ने मेरे पिता विशंभर सिकरवार की सरिया से मारपीट की। तब कोतवाली में रिपोर्ट करने गए तो रेनू कपड़े फाडक़र थाने पहुंच गई और मेरे पिता पर गलत कार्य करने का आरोप लगाया। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच राजीनामा कराया।
सतेन्द्र सिंह ने कहा कि रेनू का एक भाई भूता आगरा जेल में बंद है। उस पर 15 लाख का कर्जा है। उस कर्जे को चुकाने के लिए मेरे पिता विशंभर सिह से 15 लाख रुपए की मांग कर रही है। नहीं देने पर चार दिन पूर्व मेरे पिता अपने मकान पर गए तो रेनू, उसके पिता सुभाष भदौरिया, भाई लला, भूरा निवासी चोम्हों आदि ने मारपीट कर दी और यह कहकर भगा दिया कि तुम्हारा यहां क्या है। इसकी हमने सिटी कोतवाली थाने में रिपोर्ट कर दी थी। उसी मामले में मंगलवार को कोतवाली से फोन करके बुलाया गया।
वहीं पुलिस ने दूसरे पक्ष को भी बुला लिया। यहां कोतवाली परिसर में बातचीत चल रही है। मैं थाने में अंदर था। तभी रेनू, उसके पिता, भाई मेरी पत्नी कीर्ति को समझाने के बहाने एक तरफ कोने में ले गए और उसको धमकी देकर जहर खिला दिया कि तूने नहीं खाया तो तेरे पति व ससुर को ठिकाने लगा देंगे। दबाव में आकर कीर्ति ने जहर खा लिया। यह बात कीर्ति ने मुझे ग्वालियर ले जाते समय रास्ते में मरने से पूर्व बताई।
"महिला ने कैसे जहर खाया और क्यों खाया, मामला जांच में है। मृतका के परिजनों के बयान व मर्ग जांच उपरांत आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित है।"
- अजय चानना, टीआई, सिटी कोतवाली, मुरैना