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Jaipur : मदर्स डे पर इंसानियत को सलाम, मां की सांसें थमने को आई थी, हड़ताल के बीच डॉक्टरों ने दिखाई संवेदना

Mother's Day : राजस्थान सहित पूरे देश में मदर्स डे मनाया जा रहा है। जयपुर में मदर्स डे की पूर्व संध्या के मौके पर सामने आया एक दृश्य सिर्फ एक मरीज के इलाज की कहानी नहीं, बल्कि उस मानवीय रिश्ते की तस्वीर बन गया जिसमें डॉक्टरों ने नियमों और परिस्थितियों से ऊपर उठकर एक मां की जिंदगी को प्राथमिकता दी।

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Jaipur Mothers Day Salute to Humanity As a Mothers Breath Faltered Doctors Showed Compassion Amidst Strike

ग्राफिक्स फोटो पत्रिका

Mother's Day : जयपुर में डॉक्टरों की हड़ताल और सीमित चिकित्सा सेवाओं के बीच मदर्स डे से एक दिन पहले शनिवार को इंसानियत और संवेदनशीलता की एक मिसाल सामने आई। लालकोठी निवासी राजेश जैन की मां की सोमवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तेज चक्कर आने लगे और कुछ ही देर में हालत इतनी खराब हो गई कि परिजन घबरा गए। परिवार तत्काल उन्हें इलाज के लिए मानसरोवर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टरों ने इस मामले में संवेदना दिखाई।

उस समय हड़ताल और सीमित स्टाफ के कारण अस्पताल में नई भर्ती को लेकर सख्ती बरती जा रही थी। परिजनों के अनुसार शुरुआत में अस्पताल प्रशासन ने भर्ती करने में असमर्थता जताई। उन्हें पहले भी वहां दिखाया जा चुका था। लेकिन जब डॉक्टरों ने महिला की हालत देखी और परिजनों की बेचैनी समझी तो माहौल बदल गया। महिला लगभग अचेत अवस्था में पहुंच चुकी थीं। इसके बाद डॉक्टरों ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए विशेष केस मानकर महिला को तुरंत भर्ती किया और उपचार शुरू कर दिया।

डॉक्टरों ने नियमों और परिस्थितियों से ऊपर उठकर किया इलाज

मदर्स डे के मौके पर सामने आया यह दृश्य सिर्फ एक मरीज के इलाज की कहानी नहीं, बल्कि उस मानवीय रिश्ते की तस्वीर बन गया जिसमें डॉक्टरों ने नियमों और परिस्थितियों से ऊपर उठकर एक मां की जिंदगी को प्राथमिकता दी। हड़ताल के तनावपूर्ण माहौल में भी ऐसे कई छोटे-छोटे मानवीय क्षण लोगों के दिल को छू रहे हैं।

जयपुर में 200 से अधिक निजी अस्पताल में शटडाउन

उधर डॉक्टर के परिजनों से कथित मारपीट की घटना के विरोध में जयपुर शहर के 200 से अधिक निजी अस्पताल शटडाउन पर चले गए हैं। जिसके बाद अब मरीजों का सबसे बड़ा सहारा सरकारी अस्पताल बने हुए हैं। चिकित्सक संगठनों के अनुसार निजी अस्पतालों के बंद रहने से करीब 45 से 50 हजार मरीजों की ओपीडी प्रभावित होने का अनुमान है। इसके अलावा 1200 से 1500 ऑपरेशन टाले जाने की संभावना जताई जा रही है। कई डे-केयर प्रक्रियाएं और नियमित जांचें भी प्रभावित हुई हैं।

हड़ताल का मुख्य केंद्र डॉ. सोनदेव के परिजनों के साथ हुई कथित मारपीट है। आईएमए जयपुर के महासचिव डॉ. अनुराग तोमर ने स्पष्ट किया कि जब तक डॉक्टरों और उनके परिजनों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा।