
hindu kairana
राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के कैराना में हिंदू परिवारों के पलायन का मुद्दा एक बार फिर अखिलेश सरकार और उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कैराना में कथित रुप से बढ़ते अपराध के चलते 346 हिंदू परिवारों ने गांव से पलायन कर दिया।
पलायन के पीछे का सच जानने के लिए कांग्रेस भी जांच की बात कर रही है। हालांकि कांग्रेस का मानना है कि इसके जरिए भाजपा हिंदू वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश में है, ताकि अगले वर्ष उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में फायदा उठाया जा सके।
मामला आगे बढ़ते देख राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक को दखल देना पड़ा। मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस भेजकर चार हफ्ते के अंदर जवाब की मांग की है। दूसरी तरफ, भाजपा ने 9 सदस्यीय जांच समिति बनाकर सियासी गरमाहट और बढ़ा दी है। समिति 15 जून को कैराना पहुंचेगी और हिंदुओं के पलायन के बारे में जानकारी जुटाएगी।
क्या है मामला
भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने दावा किया है कि उन्होंने कैराना से पलायन करने वाले हर घर का सत्यापन किया है। सिंह ने दो दिन पहले सूची जारी करते हुए कैराना में बढ़ते अपराध, गुंडागर्दी, धमकी और लूटपाट का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में पलायन करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। हालांकि, राज्य सरकार इसे तथ्यहीन करार दे रही है।
क्या कहते हैं लोग
इधर, स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जेल से फिरौती की मांग की जाती है, फोन पर धमकी दी जाती है। अगर हम पैसे नहीं देते हैं तो लोगों की हत्या करा दी जाती है। ऐसे में जान बचाने के लिए हमारे पास पैसे देने के अलावा कोई रास्ता नहीं है। वहीं, अन्य व्यापारियों का कहना है कि कैराना मानों पाकिस्तान बन गया है, जहां हत्या, लूट और अपहरण आम बात हो गई है।
Published on:
12 Jun 2016 11:06 pm
