
Parrikar
वरिष्ठ होने के बावजदू सेना प्रमुख की दौड में पीछे रहे सेना की पूर्वी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी ने उनके भविष्य के फैसले को लेकर चल रही अटकलबाजियों के बीच बुधवार को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात की।
सरकार ने दो वरिष्ठ ले. जनरलों को नजरअंदाज कर उनसे कनिष्ठ ले. जनरल बिपिन रावत को सेना प्रमुख नियुक्त किया है। ले. जनरल बख्शी सेना में सबसे वरिष्ठ कमांडर हैं और इस घटनाक्रम को लेकर विपक्षी दलों ने विवाद खडा किया हुआ है। दक्षिणी कमान के प्रमुख ले. जनरल पी एम हरिज भी ले. जनरल रावत से वरिष्ठ हैं।
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने 15 मिनट की मुलाकात को शिष्टाचार भेंट करार दिया है। उधर, सूत्रों का कहना है कि रक्षा मंत्री ने ले. जनरल बख्शी को मिलने के लिए बुलाया था और इसे सरकार की ओर से उन्हें सांत्वना देने के रूप में देखा जा रहा है। अटकलों का बाजार गर्म है कि सरकार ले. जनरल बख्शी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेटी (सीडीएस) के पद पर नियुक्त कर सकती है वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना है कि उपेक्षा से नाराज ले. जनरल इस्तीफा भी दे सकते हैं।
रक्षा मंत्री से मिलने के बाद वह रक्षा मंत्रालय में निवर्तमान सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह सुहाग से भी मिले। हाल ही में समाप्त हुए संसद के शीतकालीन सत्र में एक सवाल के जवाब में सरकार ने कहा है कि राजनीतिक आम सहमति नहीं बन पाने के कारण अभी सीडीएस के पद पर नियुक्ति में समय लगेगा। यह मुद्दा पिछले डेढ दशक से लटका हुआ है।
Published on:
21 Dec 2016 07:11 pm
