
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के प्रति उनकी भूख के कारण ही आम आदमी पार्टी (आप) दिल्ली नगर निगम चुनाव हारी।
अन्ना ने कहा कि लोगों ने उन्हें जनादेश दिया था और उनके पास एक मौका था कि वह दिल्ली को एक मॉडल राज्य बनाएं, जिसकी देखादेखी पूरा देश करे, लेकिन सत्ता बुरी चीज है। एक बार जब आपको कुर्सी मिल जाती है, तो आपकी सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो जाती है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के लिए काम करने के बजाय उन्होंने पंजाब तथा गोवा की सत्ता पर कब्जा करने के ख्वाब देखने शुरू कर दिए। उनके पास जल्दबाजी करने का कोई कारण नहीं था।
अन्ना ने कहा, लेकिन उन्हें जल्दबाजी थी और तब लोगों ने महसूस किया कि उनके दिमाग में केवल सत्ता है न कि समाज और देश। अन्ना हजारे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन से छेड़छाड़ के केजरीवाल के आरोपों को भी खारिज कर दिया और कहा कि वास्तव में 'आप' के नेताओं की कथनी व करनी के बीच अंतर से लोगों का उनके प्रति मोह भंग हो गया।
उन्होंने कहा कि उनकी करनी, कथनी के हिसाब से नहीं थी, यही कारण है कि लोगों का उन पर से भरोसा उठ गया। उनके नेता आत्मविश्लेषण की बात कर रहे हैं, लेकिन ऐसा उन्हें पहले ही कर लेना चाहिए था। अब इसकी क्या जरूरत है?
Published on:
26 Apr 2017, 6:21 PM IST
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