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पाकिस्तान से भारत आई पाकिस्तान की संयुक्त जांच टीम (जेआईटी) मंगलवार को पठानकोट एयरबेस का दौरा करेगी। जेआईटी पहले उस जगह का निरीक्षण करेगी जहां से आतंकी एयरबेस में दाखिल हुए थे। इसके बाद आतंकियों से मुठभेड़ वाले स्थान का जायजा लेगी। यह भी कहा जा रहा है कि टीम सिविल अस्पताल में आतंकियों के शवों का भी निरीक्षण कर सकती है।
सवाल उठाना ठीक नहीं: जितेंद्र सिंह
पाकिस्तान के जांच दल के पठानकोट जाने को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। कांग्रेस के कार्यकर्ता पठानकोट में काले झंडे लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ये ककार्यकर्ता पाकिस्तान टीम वापस जाओ के नारे लगा रहे हैं। दूसरी और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी विरोध मार्च निकाल रहे हैं। पठानकोट हमले की जांच को लेकर भारत आए पाकिस्तानी जांच दल का विरोध करते हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी सरकार ने पाकिस्तान के आगे घुटने टेक दिए हैं। केजरीवाल ने कहा कि जेआईटी को बुलाकर मोदी सरकार ने शहीदों की शहादत की सौदेबाजी की है। भारत के लोग ये कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। भाजपा मंत्री जितेंद्र सिंह का कहना है कि पाकिस्तान जेआईटी को लेकर सवाल उठाना ठीक नहीं है। सरकार ने कई पक्षों को ध्यान में रख कर ही टीम को आने दिया।
पड़ोसी देश से पहली बार भारत आई जेआईटी
पाक जांच टीम पर पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों और भारत में उनके सदस्यों के जरिए हमले की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब पुलिस को पाक जेआईटी के सदस्यों को पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है। पड़ोसी देश से पहली बार जेआईटी भारत आई है, जिसमें आईएसआई का एक अधिकारी भी शामिल है। पाकिस्तान की पांच सदस्यीय जेआईटी का नेतृत्व पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के आतंकवाद रोधी विभाग (सीटीडी) के प्रमुख मोहम्मद ताहिर राय कर रहे हैं। इसमें लाहौर के उपमहानिदेशक, खुफिया ब्यूरो, मोहम्मद अजीम अरशद, आईएसआई अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल तनवीर अहमद, सैन्य खुफिया अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल इरफान मिर्जा और गुजरांवाला सीटीडी जांच अधिकारी शाहिद तनवीर शामिल हैं।
Published on:
29 Mar 2016 12:21 pm
