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बे-मतलब है सीपेज रोकने का टेंडर ?

 तिघरा के अंदरूनी सीपेज रोकने का 56 लाख का टेंडर मंजूर होने के  साल भर बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। भोपाल की एक कंपनी ने शुरू में कुछ काम किया था, लेकिन वह एक बार जाने के बाद अभी तक वापिस नहीं लौटी है। हालंाकि विभाग उसे बड़ी तत्परता से तलाश रहा है। 

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Shyamendra Parihar

Apr 25, 2016

Seepej tender is meaningless to stop?

Seepej tender is meaningless to stop?

ग्वालियर। तिघरा के अंदरूनी सीपेज रोकने का 56 लाख का टेंडर मंजूर होने के साल भर बाद भी काम शुरू नहीं हुआ है। भोपाल की एक कंपनी ने शुरू में कुछ काम किया था, लेकिन वह एक बार जाने के बाद अभी तक वापिस नहीं लौटी है। हालंाकि विभाग उसे बड़ी तत्परता से तलाश रहा है।
जानकारी के मुताबिक वर्तमान में तिघरा का अंदरूनी सीपेज रोकने का सुनहरा मौसम है। दरअसल तिघरा का जल स्तर उस लेबल तक पहुंच चुका है, जहां से सीपेज के इलाके आराम से देखे जा सकते हैं। उन पर विराम लगाया जा सकता है। बतादें कि तिघरा में सीपेज रोकने के लिए शुरूआती दौर में पांच से छह लाख रुपए खर्च भी किए गए थे। सीपेज तिघरा के 726 से 28 के बीच है। ये सीपेज पानी के स्तर से ऊपर आ गए हैं। वर्तमान में तिघरा का जल स्तर 725.65 से भी नीचे आ चुका है। फिलहाल जब सीपेज का परिक्षेत्र सामने आ गया है, तब कंस्ट्रक्शन कंपनी को तलाशा जा रहा है। बतादें कि इस कंपनी ने पिछले साल इस बहाने से काम नहीं किया कि वह सीपेज स्थल को चिन्हित और उसे भरने में दिक्कत आ रही है। हालांकि उच्चतम टेक्नॉलॉजी के जरिए और टेंडर की शर्तानुसार उसी परिस्थिति में एेसा करना जरूरी था। फिलहाल तिघरा के इन सीपेज से रोजाना करीब एक एमसीएफटी पानी व्यर्थ बह रहा है।