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22 करोड़ की जीएसटी चोरी, बरेली प्लाईबोर्ड फैक्ट्री सील, हाईकोर्ट से भी नहीं मिली राहत, कुर्की कार्रवाई से उद्योगपतियों में हड़कंप

बरेली। कर चोरी और बकाया राजस्व पर सरकार अब आर-पार के मूड में है। राज्य कर विभाग ने मंगलवार को परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित बरेली प्लाईबोर्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को कुर्क कर सील कर दिया। विभाग के मुताबिक कंपनी पर करीब 22 करोड़ रुपये की जीएसटी देयता लंबे समय से बकाया थी, जिसे नोटिस और कानूनी अवसर देने के बावजूद जमा नहीं किया गया।

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बरेली। कर चोरी और बकाया राजस्व पर सरकार अब आर-पार के मूड में है। राज्य कर विभाग ने मंगलवार को परसाखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित बरेली प्लाईबोर्ड प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री को कुर्क कर सील कर दिया। विभाग के मुताबिक कंपनी पर करीब 22 करोड़ रुपये की जीएसटी देयता लंबे समय से बकाया थी, जिसे नोटिस और कानूनी अवसर देने के बावजूद जमा नहीं किया गया।

राज्य कर विभाग के एडिशनल कमिश्नर (ग्रेड-1) आशीष निरंजन ने बताया कि एसआईवी जांच के दौरान बड़े पैमाने पर जीएसटी बकाया सामने आया था। जांच पूरी होने के बाद फर्म को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं हुआ। इसके बाद फर्म ने विभागीय अपील के बजाय सीधे हाईकोर्ट का रुख किया, जहां से भी कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि एक माह के भीतर कम से कम 10 प्रतिशत बकाया राशि जमा की जाए, लेकिन आदेश की अवहेलना की गई।

कोर्ट के आदेश पर फैक्ट्री पर लगा ताला

निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद मंगलवार दोपहर संयुक्त आयुक्त केके गुप्ता के निर्देशन में उप आयुक्त डीके सिंह, सहायक आयुक्त गौरव सिंह और सहायक आयुक्त अविरल मुद्गल की टीम फैक्ट्री परिसर पहुंची। रिकवरी प्रक्रिया के तहत फैक्ट्री को कुर्क कर सील कर दिया गया और प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि बकाया राशि जमा होने तक किसी तरह की गतिविधि नहीं होगी। कंपनी के मालिक रवि नेमानी से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी।

जीएसटी कार्रवाई से कारोबारियों में हड़कंप

कार्रवाई की खबर फैलते ही बरेली के उद्यमियों और व्यापारियों में हड़कंप मच गया। कई व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन अफसरों ने साफ संदेश दिया कि राजस्व के मामले में कोई समझौता नहीं होगा। शासन के निर्देशों के तहत बकाया वसूली पर सख्ती जारी रहेगी।