कुष्ठ रोगी से पीड़ित व्यक्ति को पहले परिवार, घर और गांव से दूर कर दिया जाता था, लेकिन आज इसकी जरूरत नहीं है। कुष्ठ रोगी का इलाज अब घर पर रखकर भी किया जा सकता है। असंक्रामक कुष्ठ रोगी छह माह और संक्रामक रोगी 24 माह के लगातार और नियमित इलाज में पूरी तरह ठीक हो जाता है। कुष्ठ रोगी को समाज की दया नहीं, सहयोग एवं स्नेह की जरूरत है।