
IPS Transfer in UP: उत्तर प्रदेश की ताजनगरी आगरा में करोड़ों की जमीन पर कब्जेदारी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। दूसरे की जमीन पर जबरन कब्जा कराने में पुलिस की भूमिका सामने आने के बाद शासन ने सख्त एक्शन लिया है। बताया जा रहा है कि इसी मामले में आगरा के कमिश्नर प्रीतिंदर सिंह को लखनऊ मुख्यालय से अटैच किया गया है। जबकि आगरा पुलिस कमिश्नर का कार्यभार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जे रवींद गौड़ को सौंपा गया है। आगरा में करोड़ों की जमीन पर जबरन कब्जा करने का मामला सामने आने के बाद कमिश्नर का लखनऊ ट्रांसफर कार्रवाई से जोड़कर देखा जा रहा है।
दरअसल, पिछले दिनों में आगरा के जगदीशपुरा थानाक्षेत्र में करोड़ों की जमीन पर जबरन कब्जा करने का मामला सामने आया था। इस मामले की पैरवी फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। इसके अलावा थाना जगदीशपुरा के तत्कालीन एसएचओ जितेंद्र कुमार समेत बिल्डर कमल चौधरी, धीरू चौधरी समेत 18 अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। जगदीशपुरा थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपी इंस्पेक्टर और बिल्डर फरार हैं। वहीं कहा जा रहा है कि इसी मामले में आगरा पुलिस कमिश्नर प्रीतिंदर सिंह हटाए गए हैं। उन्हें डीजीपी मुख्यालय से जोड़ दिया गया है। उनकी जगह गोरखपुर के आईजी रेंज जें रवींद्र गौड़ को आगरा का नया कमिश्नर बनाया गया है।
सू्त्रों का कहना है कि दरोगा जितेंद्र कुमार पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। इसके बावजूद कमिश्नर प्रीतिंदर सिंह ने उसे जगदीशपुरा थाने का प्रभारी बना दिया। इसपर सांसद राजकुमार चाहर ने सवाल खड़े करते हुए मुख्यमंत्री तक मामले की शिकायत की थी। वहीं पीड़ित परिवार ने योगी सरकार के एक कैबिनेट मंत्री पर भी गंभीर आरोप लगाए थे। फिलहाल इस मामले में पुलिस अधिकारी कोई भी बयान देने से बच रहे हैं, लेकिन आगरा पुलिस कमिश्नर प्रीतिंदर सिंह का तबादला इसी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है।
-आगरा से प्रमोद कुशवाहा की रिपोर्ट
Published on:
09 Jan 2024 04:25 pm
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