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आगरा यूनीवर्सिटी में वि​जिलेंस की सबसे बड़ी कार्रवाई से हड़कंप, देखें वीडियो

इस कार्रवाई के बाद आगरा यूनिवर्सिटी कर्मचारियों के उड़े होश।
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आगरा

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Dhirendra yadav

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Updated: 5 Sep 2018, 9:50 AM IST

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आगरा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विवि के दो पूर्व कुलपति सहित 19 कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। ये कार्रवाई पूर्व छात्र नेता मदन मोहन शर्मा द्वारा की गई शिकायत की जांच के बाद हुई। पूर्व छात्र नेता ने करोड़ों की रकम के घोटाले की शिकायत की थी। पांच साल की जांच के बाद विजिलेंस टीम ने हरीपर्वत थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

ये था मामला
डॉ. भीमराव अम्बेडकर यूनीवर्सिटी के पूर्व छात्र नेता मदन मोहन शर्मा ने बताया कि 2013 में सुरक्षा एजेंसी घोटाला, परीक्षा एजेंसी घोटाला, परीक्षा रिजल्ट में गड़बड़ी घोटाला, पंडाल घोटाला, ट्रांसफर यात्रा पर फर्जी घोटाला, सफाई कर्मचारी भुगतान घोटाला, विश्वविद्यालय फंड इन्वेस्टमेंट घोटाला, फर्नीचर घोटाला, कंप्यूटर खरीद घोटाला सहित अन्य ऐसे घोटालों की शिकायत की थी, जिनमें बिना एग्रीमेंट के या टेंडर के एक ही संस्था को टेंडर दिए गए थे।

घोटालों का इन पर आरोप
ये घोटाले और भ्रष्टाचार के मामले डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के तत्कालीन कुलपति डीएन जौहर, तत्कालीन कुलपति मोहम्मद मुजम्मिल, तत्कालीन वित्त अधिकारी राम पटेल सिंह, वर्तमान वित्त अधिकारी अमरचंद सिंह, तत्कालीन कुलसचिव डीके पांडे, निदेशक गृह विज्ञान संस्थान भारती सिंह, इतिहास विभाग के लीडर अमित वर्मा, सहायक कुलसचिव परीक्षा अनिल कुमार शुक्ला, भौतिकी विभाग के रीडर बीपी सिंह, उप कुल सचिव परीक्षा प्रभात रंजन, डिप्टी रजिस्ट्रार वित्त महेंद्र कुमार, वेबमास्टर अनुज अवस्थी, कार्यवाहक वित्त अधिकारी बालजी यादव, गृह विज्ञान प्रवक्ता डॉ. अनीता चोपड़ा, वित्त अधिकारी राम सागर पांडे, डायरेक्टर राघव नारायण, माइंड लॉजिस्टिक लिमिटेड बेंगलुरु के प्रोजेक्ट मैनेजर शैलेंद्र टंडन, मीनाक्षी मोहन और बालेश त्रिपाठी की खिलाफ शिकायत मुख्यमंत्री और राज्यपाल से की गई थी।


पांच साल की जांच के बाद हुई कार्रवाई
पांच साल से इस मामले में जांच चल रही थी। छानबीन कर इस मामले की रिपोर्ट विजिलेंस एसपी आनंद कुमार ने हरीपर्वत थाने पर विश्वविद्यालय में हुए घोटालों की तहरीर दी, जिस पर थाना अधिकारी महेश चंद्र गौतम ने मंगलवार देर रात एफआईआर दर्ज कर ली। एसपी सिटी प्रशांत शर्मा का कहना है, जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध विधिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज
एसपी विजिलेंस की तहरीर के आधार पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के पूर्व कुलपति प्रो. डीएन जौहर, पूर्व कुलपति प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल सहित विश्वविद्यालय के 17 कर्मचारियों और अधिकारियों खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 406, 120 बी और भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(1) डी, 13(2) में FIR दर्ज की है।

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