
मृतक का फाइल फोटो
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आगरा। यूपी के आगरा में छह दिन से लापता सेल्स मैनेजर का शव बोरे से बरामद होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। परिजनों के मुताबिक यदि पुलिस सक्रियता दिखाती तो उन्हें जिंदा बचाया जा सकता था। वह दो अगस्त से बेसुराग थे।
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एत्माद्दौला क्षेत्र का मामला
थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के ट्रांस यमुना फेस टू निवासी सुनील कुमार शर्मा एक ऑटोमोबाइल कंपनी में सेल्स मैनेजर के पद पर तैनात थे। वह 2 अगस्त को घर से ड्यूटी जाने के लिए निकले थे। उसके बाद से ही वह घर वापस लौटकर नहीं आए। शाम को उनके घर न आने पर परिजनों ने उनका मोबाइल लगाया तो वह स्विच ऑफ आ रहा था। घरवालों को चिंता हुई और उन्होंने थाना एत्माद्दौला में गुमशुदगी दर्ज कराई। सुनील की छानबीन में लगी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इसमें सामने आया कि सुनील अपने घर से गांधी नगर निवासी अजय के घर गए थे, लेकिन वे घर से निकलते हुए दिखाई नहीं दिए।
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पुलिस के पहुंचने से पहले लापता हो गया अजय
पुलिस अजय के घर पहुंची, लेकिन तब तक अजय अपनी पत्नी मोना को लेकर फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने अपहरण का मुकदमा किया था। चार अगस्त को पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। शनिवार रात पुलिस ने मोना को गिरफ्तार कर लिया। मोना ने बताया कि 7 साल पहले मोना और उसके पति अजय उर्फ डकैत सुनील के घर पर किराए पर रहते थे। तब से उनकी पहचान थी। स्थानीय पुलिस ने बताया कि मोना और अजय ने मिलकर सुनील की हत्या की है। पुलिस इसे लेनदेन का मामला बता रही है।
Published on:
08 Aug 2021 05:15 pm
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