
आगरा में राधा स्वामी सत्संग सभा से सरकारी जमीन खाली कराने के दौरान मौजूद भीड़ और पुलिस।
Radha Swami Satsang Sabha in Agra: यूपी की ताजनगरी आगरा के दयालबाग क्षेत्र में करीब 10 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर राधा स्वामी सत्संग सभा का कब्जा है। इस जमीन की कीमत करीब 96 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्रशासन ने सत्संग सभा को सात दिन के अंदर जमीन खाली करने का आदेश दिया था, लेकिन समय बीतने के बाद सत्संग सभा ने जमीन खाली नहीं। इसके बाद सरकारी भूमि के दुरुपयोग पर राजस्व टीम ने 13.50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की जिला प्रशासन को रिपोर्ट दी है। इसमें विस्तृत रूप से कब्जा और जुर्माना राशि का ब्योरा दिया गया है।
दयालबाग तहसील अधिकारियों के मुताबिक, सत्संग सभा का दयालबाग के इलाके में करीब 10 हेक्टेयर भूमि पर अवैध कब्जा है। इस कब्जाई गई भूमि की सरकारी कीमत तकरीबन 96 करोड़ रुपये आंकी गई है। शनिवार को प्रशासन ने जमीन कब्जामुक्त कराने का प्रयास किया। इस दौरान वहां सत्संग सभा के अनुयायियों की भारी भीड़ जमा हो गई। बलवा और विरोध की आशंका के चलते प्रशासन ने मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी बुला ली। इस दौरान पूरा दयालबाग क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया। इसके बाद प्रशासन ने सत्संग सभा परिसर के छह गेट बुलडोजर से तोड़ दिए। इसके बाद टीम दोबारा कब्जा न करने की चेतावनी देकर वहां से चली गई।
उधर, पुलिस हटते ही सत्संग सभा के अनुयायियों ने तोड़े गए परिसर में फिर से तारबंदी कर दी। बताया जा रहा है कि इस दौरान सत्संग सभा के लोगों ने काफी बवाल भी काटा। हालांकि सरकारी भूमि से कब्जा हटाने के लिए सत्संग सभा को 7 दिन का समय दिया था। सत्संग सभा की ओर से शुक्रवार को एक रिटायर्ड तहसीलदार और वकील तहसील प्रशासन के समक्ष अपना पक्ष रखने पहुंचे। 15 दिन का समय और मांगा, प्रशासन ने इन्कार कर दिया। राधास्वामी सत्संग सभा के खिलाफ एफआईआर कराने वाले समाजसेवी सौरभ चौधरी ने यहां से कब्जा न हटने की स्थिति में आत्मदाह की चेतावनी दी थी। पुलिस ने सौरभ चौधरी को शुक्रवार को पुलिस न्यू आगरा थाने में बैठा लिया।
सदर तहसीलदार रजनीश वाजपेयी ने बताया कि अवैध निर्माण हटाने के लिए शनिवार की सुबह टीम दयालबाग क्षेत्र में पहुंची। सदर तहसील प्रशासन ने अवैध कब्जों पर कार्रवाई के लिए संस्तुति भेजी। इसके बाद जिलाधिकारी भानु चंद्र गोस्वामी व पुलिस आयुक्त के अलावा अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में तत्काल कार्रवाई का निर्णय हुआ था। इसके पहले प्रशासन ने 14 सितंबर को राधास्वामी सत्संग सभा को आम रास्ते, नहर, खेल के मैदान, अन्य सरकारी भूमि पर हुए कब्जे हटाने के लिए अल्टीमेटम दिया था। नहीं हटाने पर हर्जा-खर्चा सहित ध्वस्तीकरण का नोटिस दिया था। इसपर सत्संग सभा ने अमल नहीं किया।
इन स्थलों पर हुई कार्रवाई
खासपुर से बल्केश्वर सौ फुटा रोड: इस रोड पर 15 साल से कब्जा है। इसके चलते ग्रामीणों को पोइया-दयालबाग रोड से मुगल रोड होते हुए जाना पड़ता है। सत्संग सभा के राजस्थान कैंप के पास गेट को तोड़ दिया गया था। 50 मीटर की दूरी पर रोड पर पौधे लगा दिए गए थे। इसके बाद दोबारा यहां कब्जा कर लिया गया।
टेनरी के पास गेट: टेनरी के पास से होकर चक मार्ग गुजरा है। यह रास्ता श्मशान घाट होते हुए संत कबीर नगर बसेरा रोड पर जाकर निकलता है।
खासपुर ग्राम पंचायत के सामने से मुगल रोड 60 फुटा रोड: इस रोड पर 17 साल से कब्जा है। इससे ग्रामीणों को पोइया-दयालबाग रोड का प्रयोग करना पड़ता है। प्रशासन ने जेसीबी से दीवार को तोड़ दिया।
श्मशान घाट: आधा हेक्टेयर क्षेत्रफल में है। गेट के साथ ही तारबंदी कर दी थी। ग्रामीणों ने आखिरी बार वर्ष 1990 में कदम रखा था। इसके बाद ग्रामीणों के आने पर रोक है। सत्संग सभा द्वारा ही इसका प्रयोग किया जा रहा है। मार्ग को खेत में बदल दिया गया था। उड़द और मूंग की फसल बोई गई है।
खेल का मैदान: सत्संग सभा ने वर्ष 1967 में मैदान के एक हिस्से में शूटिंग रेंज बना ली थी। यह मैदान सरकारी है। पूर्व में तीन बार दीवार को तोड़ने का प्रयास किया जा चुका है ।
चक मार्ग: श्रीराम फार्म हाउस से लेकर खेलगांव स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स, रोड तक चक मार्ग है। यह सात फीट चौड़ा है। 20 साल से इस पर कब्जा था। कुछ हिस्से में पेड़ लगा दिए थे।
टेनरी वाले रास्ते पर रात में लगाया दोबारा गेट
पुलिस प्रशासन की टीम ने दिन में बुलडोजर चलाया तो रात में सत्संगियों ने टेनरी वाले रास्ते पर दोबारा गेट खड़ा कर दिया। इस मामले में रात को थाना न्यू आगरा में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें आरोप लगाया है कि सत्संग सभा के पदाधिकारियों ने प्रशासन की टीम के साथ धक्कामुक्की की, दोबारा गेट लगाया और बलवा कराने के लिए लोगों को उकसाने की कोशिश की। मुकदमे में 10 नामजद किए गए हैं। 37 गाड़ियों के नंबर खोले हैं। प्रशासन का कहना है कि राधा स्वामी सत्संग सभा, दयालबाग द्वारा कब्जाई जमीन पर छह घंटे बुलडोजर चलाया गया। इस दौरान छह गेट तोड़े गए और करीब 50 करोड़ की जमीन कब्जामुक्त कराई गई। वहां दोबारा गेट लगाने पर 10 लोगों को नामजद करते हुए सैकड़ों लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मुकदमे में इन्हें किया गया नामजद
सुरेश सेक्ट्रेटरी अदनबाग, देवेश भटनागर निवासी प्रेम नगर, दयालबाग, मेहर केसारबानी निवासी दयालबाग, प्रवीन कुमार निवासी स्वामी बाग, दयालबाग, गुरचरन निवासी गुरुग्राम, अक्षत सत्संगी निवासी पुरुषोत्तम नगर, दयालबाग, सरन प्रकाश गुप्ता निवासी स्वामी बाग, लक्की सत्संगी, गुरुदेव सिंह सिदधू, सौरभ राणा के साथ ही 37 वाहन के नंबर भी दिए हैं।
मेरे दयालबाग की धरती...बजते ही जोश में आए कार्यकर्ता
प्रशासन द्वारा टेनरी पर शूटिंग रेंज के पास लगा गेट हटाने के बाद जब गुरु महाराज वहां पहुंचे तो सत्संगी राधा स्वामी के नारे लगाने लगे। कुछ देर बाद इशारा मिलते ही गुरु महाराज के साथ आई गाड़ी में लगे स्पीकर से सत्संगियों द्वारा खुद का बनाया रीमिक्स गाना “ मेरे दयालबाग की धरती ... “ गूंजने लगा। गाना सुनते ही सत्संगी जोश में आ गए और उन्होंने नारेबाजी करते हुए मानव श्रृंखला बनाकर गेट को उठा करके ईंटों के सहारे खड़ा कर दिया।
एसडीएम के लगी चोट, बार बार पीछे हो रहा था लेखपाल
एसडीएम सदर परीक्षित खटाना के शनिवार सुबह पैर के अंगूठे में चोट लग गई। कब्जा हटाने की कार्रवाई में वह पैदल तेज-तेज चल रहे थे। वहीं लेखपाल सचिन जैन के हाथ में नक्शा था, लेकिन वह बार-बार पीछे हो जा रहा था। उसके इंतजार में टीम रुकी। एसडीएम ने डपट कर कहा कि साथ चलिए ।
50 करोड़ रुपये की जमीन कब्जा मुक्त
सुबह प्रशासन की टीम पुलिस फोर्स और बुलडोजर को साथ लेकर पहुंची। दयालबाग में प्रशासन की टीम ने छह गेट तोड़ दिए। जगनपुर और खासपुर के गांव में राधा स्वामी सत्संग सभा द्वारा 49300 हेक्टेयर जमीन को कब्जामुक्त कराया है। इसकी कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है।
आगरा के दयालबाग, पोइया घाट, जगनपुर, खासपुरा में राधा स्वामी सत्संग सभा, दयालबाग पर रास्ते, खेल के दौरान, नहर सहित 10 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा करने के आरोप में थाना न्यू आगरा में सभा के अध्यक्ष और दो उपाध्यायों पर मुकदमा दर्ज किया गया था। सात दिन में कब्जा हटाने के लिए चेतावनी दी गई लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। सरकारी जमीनों से सत्संग सभा को बेदखल करने के बाद प्रशासन की टीम की टीम शनिवार सुबह बुलडोजलर लेकर पहुंची।
113 साल पुरानी सत्संग सभा, 1942 से शुरू हुआ विवाद
राधा स्वामी सत्संग सभा दयालबाग की स्थापना 26 मार्च 1910 को हुई थी, बाईलॉज के मुताबिक, 40 सदस्यीय सत्संग सभा का गठन धार्मिक आध्यात्मिक, शैक्षिक गतिविधियों के लिए किया गया था। ब्रिटिश काल में जो जमीनें सत्संग सभा ने अधिग्रहित की और दान में मिलीं सभा उनका प्रबंधन करती है। 1942 में ब्रिटिशकालीन भारत में कॉलोनी और खेतों के नाम पर जमीन अधिग्रहण के प्रस्ताव हुए, खासपुर, जगनपुर, घटवासन, मानेहरपुर, नगला तल्फी, पोइया घाट, लाल गढ़ी के किसानों के साथ विवाद शुरू हो गए, यह विवाद अभी भी जारी हैं।
बन रहे जवाहर बाग जैसे हालात
आपको याद होगा सात साल पहले मथुरा के जवाहर बाग में कब्जा हटाने को लेकर प्रशासन से संघर्ष हुआ था। सत्संग सभा दयालबाग के कब्जे से रास्ते और खेल के मैदान मुक्त कराने को लेकर भी वैसे ही टकराव की स्थिति बन सकती है। इसकी वजह है कि सत्संग सभा प्रशासन के हटते ही कब्जा कर लेती है। प्रशासन एक बार फिर कार्रवाई की तैयारी में है। वहीं सत्संग सभा के तेवर भी तीखे हैं।
मथुरा के जवाहर बाग में वर्ष 2014 में रामवृक्ष यादव के संगठन स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह को दो दिन के लिए प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी। इसके बाद रामवृक्ष के संगठन ने पार्क में कब्जा कर लिया। यहां उनकी अलग सरकार चलती थी। झोपड़ियां बनाकर कथित सत्याग्रही रहने लगे। इसके बाद प्रशासन ने जब दो जून 2016 को इसे खाली कराने की कोशिश की तो संघर्ष हो गया। दयालबाग क्षेत्र के आसपास के गांवों के लोगों का कहना है कि अब दयालबाग क्षेत्र में भी ऐसी ही स्थिति बनती जा रही है। सत्संग सभा अपना कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं है। यहां वे अपनी सरकार अपने तरीके से चलाते हैं। यहां भी जवाहर बाग जैसे हालात बनते जा रहे हैं।
आगरा से प्रमोद कुशवाह की रिपोर्ट
Published on:
24 Sept 2023 05:12 pm
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