आगरा के प्राण ताजमहल में, कण-कण में मोहब्बत

जिलाधिकारी पंकज कुमार का कहना है कि आगरा मोहब्बत की नगरी है। यहां के कण-कण में मोहब्बत है।

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Aug 27, 2016
pankaj kumar IAS
आगरा। जिलाधिकारी पंकज कुमार का कहना है कि आगरा मोहब्बत की नगरी है। यहां के कण-कण में मोहब्बत है। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्राथमिकता सूची में आगरा है। यहां करने को बहुत कुछ है। जब प्रोजेक्ट पूरे हो जाएंगे, तो आगरा की सूरत ही बदल जाएगी। सही मायने में अंतरराष्ट्रीय नगर हो जाएगा। मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने एक सप्ताह पूर्व ही यहां आकर समीक्षा की। इस तरह आगरा कई मायनों में लाभान्वित होने वाला है। ताजमहल के कारण आगरा एक विश्व की तरह है।



हर तरह का रंग देखा
जिलाधिकारी पंकज कुमार का तबादला विशेष सचिव गृह के पद पर हो गया है। उनके साथ पर बरेली से गौरव दयाल आ रहे हैं। पदभार छोड़ने से पूर्व उन्होंने ‘पत्रिका’ से कहा कि आगरा में दो साल से भी अधिक समय तक रहे हैं। इस दौरान उन्होंने यहां हर तरह का रंग देखा।


ताजगंज प्रोजेक्ट से सूरत बदलेगी
उन्होंने बताया कि ताजंगज प्रोजेक्ट जब पूरा होगा तो ताजमहल के आसपास का वातावरण ही बदल जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं इस प्रोजेक्ट में रुचि ले रहे हैं। उन्हीं की पहल पर यह काम शुरू हुआ है। इस प्रोजेक्ट के पूरे होने पर ताजमहल के आसपास निवासरत लोगों का जीवनस्तर सुधरेगा। साथ ही ताजमहल आने वाले पर्यटके को सुखद अहसास होगा।

pankaj kumar IAS

पर्यटन आगरा की जान
पंकज कुमार ने बताया कि पर्यटन आगरा की जान है। आगरा में तीन विश्वदाय स्मारक हैं। ताजमहल के बाहर भी आगरा है। चम्बल सफारी, कीठम जैसे प्राकृतिक स्थल आगरा में हैं। इनका ठीक से प्रचार करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने इसी के लिए बर्ड फेस्टिवल कराया। दुनियाभर की नजर में बाह क्षेत्र का नाम हुआ।



आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे
पंकज कुमार ने बताया कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे तो आगरा के विकास में मील का पत्थऱ साबित होगा। अभी लोगों को इससे होने वाले लाभों का अनुमान नहीं है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे शुरू होने दीजिए, फिर लोग स्वयं कहेंगे कि कमाल हो गया। आगरा से लखनऊ तक मार्ग ही सुगम और सरल नहीं होगा बल्कि किसानों को भी समृद्धि होगी।



विकास तो सतत प्रक्रिया
आगरा के ग्रामीण क्षेत्र में विकास के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि विकास सतत प्रक्रिया है। साल-दो साल में सबकुछ हो गया, ऐसा नहीं कहा जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में तो अनेकानेक काम हुए हैं। तमाम कर्य चल रहे हैं। पेयजल की समस्या है। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से की योजनाएं चल रही हैं। इन योजनाओं का लाभ जागरूक लोग जल्दी उठा लेते हैं।

pankaj kumar IAS

गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिली
इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धि तो ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त करना है। खुशी है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वच्छ भारत अभियान को लोगों ने अपनाया है। अब घरों में शौचालचय बनवाने में कोई समस्या नहीं है। सभी जगह शौचालयों का उपयोग हो रहा है। पहले लोग शौचालय बनवाते थे लेकिन उपयोग नहीं करते थे।

Published on:
27 Aug 2016 12:38 pm
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