अहमदाबाद शहर के असारवा स्थित सिविल अस्पताल में 48 घंटे में दो ब्रेनडेड मरीजों के 11 अंगों का दान मिला है। इससे 10 लोगों को नया जीवन मिला। झारखंड के ब्रेनडेड युवक के छह अंगों और बनासकांठा जिले के ब्रेनडेड युवक के पांच अंगों का दान मिला।झारखंड निवासी अनिल मरांडी (30) कडी के छत्राल स्थित एक फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। वे 22 अप्रेल को फैक्ट्री से निकल कडी के पास से गुजर रहे थे, तभी सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें कडी के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। सिर में गंभीर चोट लगने से गहन उपचार के लिए 23 अप्रेल को अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में रैफर किया गया। 25 अप्रेल को चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अस्पताल की टीम ने ब्रेनडेड मरीज के परिजनों को अंगदान के बारे में समझाया। उन्होंने स्वीकृति दे दी। जिससे अनिल के लिवर, दो किडनी, दो फेफड़े तथा एक पेंक्रियाज का दान स्वीकार किया गया।
बनासकांठा जिले के विरमगाम निवासी भरमा डिंगूइचा 23 अप्रेल को गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के लिए उन्हें पालनपुर के एक अस्पताल में भर्ती करवाया। गहन उपचार के लिए अहमदाबाद के सिविल अस्पताल लाया गया। सिर में गंभीर चोट की पुष्टि हुई थी। रविवार को इस युवक को ब्रेनडेड घोषित कर दिया। परिजनों की ओर से अंगदान की स्वीकृति दिए जाने पर उनकी दो किडनी, एक लिवर, एक हृदय और पेंक्रियाज का दान लिया गया।
अहमदाबाद में नौ व हैदराबाद में दो अंगों का ट्रांसप्लांट
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि दान में मिली चार किडनी, दो लिवर, दो पेंक्रियाज को सिविल मेडिसिटी स्थित किडनी अस्पताल में जरूरतमंद मरीजों में ट्रांसप्लांट किया गया है, जबकि हृदय का ट्रांसप्लांट यूएन मेहता हार्ट हॉस्पिटल में किया गया। दो फेफड़ों को ट्रांसप्लांट के लिए हैदराबाद के अस्पताल भेजा गया है। ये एक ही मरीज में ट्रांसप्लांट किए जाएंगे।
190 ब्रेनडेड दाताओं से मिल चुके हैं 626 अंग
डॉ. जोशी ने कहा कि लगभग चार वर्षों में 190 ब्रेन डेड दाताओं से 626 अंग दान में मिल चुके हैं, इनके माध्यम से 607 लोगों का जीवन संभल गया है। दान में मिले इन अंगों में सबसे अधिक 346 किडनी हैं। जबकि 166 लिवर, 61 हृदय, 32 फेफड़े, 13 पेंक्रियाज, छह हाथ और दो छोटी आंत शामिल हैं।