
Ahmedabad. गुजरात में रहने वाले लोगों ने नागालैंड और मणिनगर से हथियारों के लाइसेंस फर्जी लाइसेंस बनवाए हैं। इनकी संख्या एक दो नहीं बल्कि 115 होने की बात जांच में सामने आई है। इसमें से सात लोगों को Gujarat आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की टीम ने धर दबोचा है। इस संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है।
गुजरात ATS की टीम ने अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच , सूरत शहर क्राइम ब्रांच, वडोदरा शहर, अहमदाबाद ग्रामीण, सुरेन्द्रनगर, राजकोट शहर, बोटाद और मोरबी जिला एसओजी टीमों की मदद से शंकास्पद लोगों से पूछताछ की। जांच में 49 लोगों के पास नागालैंड और मणिपुर से बनवाए गए फर्जी हथियार लाइसेंस मिले। गुजरात के कुल 115 लोगों ने नागालैंड, मणिपुर से फर्जी हथियार लाइसेंस बनवाए हैं। पकड़े गए आरोपियों में सेलाभाई बोळिया, विशाल पंड्या, अर्जुन अलगोतर, धैर्य जरीवाला, सद्दाम हुसैन, ब्रिजेश उर्फ बिट्टू मेहता और मुकेश बांभना शामिल हैं।
एटीएस के तहत उन्हें सूचना मिली कि विशाल पंड्या, ध्वनित मेहता, अर्जुन अलगोतर, धैर्य जरीवाला, सेला भरवाड़, मुकेश बाम्भा ने हरियाणा के नूंह में आर्म्स की दुकान चलाने वाले सौकतअली, फारुकअली, आसिफ, सोहिम अली और उसके सहयोगी को बड़ी राशि देकर मणिपुर, नागालैंड सेे फर्जी हथियार बनवाए हैं। छह सालों से गुजरात के लोग इन राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाते हैं। इस पर लाइसेंस रिवॉल्वर, पिस्तौल, 12 बोर की गन और कारतूस खरीदते हैं। इसके लिए ये गिरोह लोगों से पांच से 20 लाख रुपए तक की राशि वसूलता होने की बात सामने आई है।
एटीएस टीमों ने हरियाणा, नागालैंड, मणिपुर जाकर छह हथियार और 135 कारतूस जब्त किए हैं। ऐसे में आगामी दिनों में और भी हथियार जब्त होंगे।
जांच में सामने आया कि गिरोह के लोग अन्य लोगों के नाम पर जारी हथियार लाइसेंस में छेड़छाड़ कर फर्जी लाइसेंस बनाते। पुराने हथियारों के लाइसेंस रेकॉर्ड में भी छेड़छाड़ करते थे।
Published on:
08 Apr 2025 09:44 pm
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