
मादक पदार्थ तस्करी मामले में 6 को 20 साल, 4 को 10 साल की कैद
पोरबंदर.अहमदाबाद. भारतीय तटरक्षक (कोस्ट गार्ड) की ओर से जुलाई 2017 में जब्त किए गए 1445 किलोग्राम ड्रग्स के मामले में गुजरात में पोरबंदर की विशेष एनडीपीएस अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए छह आरोपियों को 20 साल की कठोर कैद और अन्य चार को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई।
विशेष अदालत के जज पी एच शर्मा ने जिन छह को 20 साल की कैद की सजा सुनाई है, उन पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना नहीं जमा करने पर उन्हें पांच साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। 10 साल की सुनाई गई सजा के दोषियों पर भी 1-1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना जमा करने में विफल रहने पर उन्हें ढाई साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। इस मामले में कुल 13 आरोपियों में से मुकदमे के दौरान तीन की मृत्यु हो गई थी।
23 गवाह, 218 दस्तावेजी सबूत
अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत किए गए 23 गवाहों के बयानों और 218 दस्तावेजी साक्ष्यों को ध्यान में रखा।
इन आरोपियों को सुनाई सजा
जिन छह आरोपियों को 20 साल कैद की सजा सुनाई गई है, उनमें सुप्रीत तिवारी (27), संजय यादव (27), देवेश (23), मुनीश कुमार (27), विनय यादव (27) और मुनीश पटेल (19) शामिल हैं। जिन लोगों को 10 साल की जेल की सजा दी गई है, उनमें सुजीत तिवारी (19), विशाल यादव (24), सुलेमान भदेला (47) और सऊद पटेल (26) शामिल हैं। इन 13 में से 6 उत्तर प्रदेश, 3 मुंबई, 2 पश्चिम बंगाल के और 1-1 दोषी बिहार और हिमाचल प्रदेश के हैं।
जहाज से बरामद हुए थे ड्रग्स के 1526 पैकेट
मामले के तहत भारतीय तट रक्षक (आईसीजी) जहाज 'समुद्र पावक' ने 29 जुलाई, 2017 को गुजरात तट के पास खंभात की खाड़ी के पास एक व्यापारी जहाज को रोका। जांच करने पर जहाज से 1445 किलो ग्राम ड्रग्स के कुल 1526 पैकेज बरामद किए गए थे। इसमें से 1018 पैकेज हेरोइन के और 427 किलोग्राम मोर्फिन ड्रग्स के थे। इस पर उसके चालक दल को हिरासत में लिया। यह गुजरात का उस समय का सबसे बड़ा ड्रग्स कंसाइनमेंट पकड़े जाने का मामला था।
13 में से 8 चालक दल के सदस्य
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत को बताया गया था कि गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में से आठ व्यापारी जहाज के चालक दल के सदस्य थे, जबकि अन्य पांच पर गुजरात तट पर इस ड्रग्स की लैंडिंग के बाद उसे सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाने और ग्राहकों की तलाश करने का आरोप है। आरोपियों के विरुद्ध नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के विभिन्न प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।
Published on:
30 Jan 2024 10:38 pm
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