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6000 करोड़ की ठगी का मामला: मुख्य आरोपी झाला की रिमाण्ड अवधि 7 तक बढ़ी

-7 दिन का रिमांड पूरा होने पर अदालत में पेशी, 230 निवेशकों ने 25 लाख से 4 करोड़ का किया निवेश

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Bhupendra singh

ऊंचे ब्याज का लालच देकर लोगों को 6000 करोड़ की चपत लगाने के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी भूपेंद्र सिंह झाला की पुलिस रिमाण्ड अवधि और तीन दिनों के लिए बढ़ा दी गई। सात दिनों का रिमांड पूरा होने पर सीआईडी क्राइम ने आरोपी को शनिवार को शहर के मिर्जापुर स्थित ग्राम्य कोर्ट में पेश किया। जांच एजेंसी की ओर से आरोपी से पूछताछ के लिए 6 और दिनों की पुलिस रिमांड मांगी गई। अदालत ने आरोपी को 7 जनवरी तक का अतिरिक्त रिमांड मंजूर किया।सीआईडी क्राइम की जांच में सामने आया कि आरोपी ने बीजेड ग्रुप व उससे जुड़ी कंपनियों के जरिए 11 हजार लोगों से निवेश पाया था। लोगों से पैसा लेने को पांच लेवल पर एजेंट रखे थे। इन एजेंटों को निवेश की गई राशि का एक से पांच प्रतिशत कमीशन भी देता था।

मोडासा की बैंकों से खरीदे थे 12518 स्टैंप पेपर

अहमदाबाद ग्रामीण अदालत के मुख्य सरकारी वकील प्रवीण त्रिवेदी ने संवाददाताओं को बताया कि रिमांड के कई कारण अदालत के समक्ष रखे गए। इसमें बताया कि आरोपी झाला लोगों का विश्वास जीतने के लिए निवेश की गई राशि का स्टैंप पेपर पर करार करता था। इसके लिए उसने मोडासा नागरिक बैंक और मोडासा की सर्वोदय नागरिक बैंक से 12518 स्टैंप खरीदे थे। इसकी वेबसाइट पर मिली एंट्री में 1132 स्टैंप की एंट्री मिली है। अन्य 1286 निवेशकों के स्टैंप की कोई एंट्री नहीं मिली है। उन निवेशकों ने कितने पैसे निवेश किए थे, यह राशि कहां गई और कहां निवेश की गई। इन निवेशकों का उनका नाम प्राप्त करने के लिए आरोपी की हिरासत की जरूरत है। जांच में सामने आया कि आरोपी झाला 100 और 300 रुपए के स्टैंप पेपर पर खुद की फ्रेंकिंग करवाने के बाद हस्ताक्षर करता था।जांच में पता चला कि आरोपी झाला ने अधिकतम 6 करोड़ रुपए तक का निवेश लिया है। 230 निवेशकों के 4 करोड़ से 25 लाख रुपए का निवेश होने की बात सामने आई है। इन निवेशकों की निवेश की गई राशि के ट्रांजेेक्शन नहीं मिले हैं।

हिम्मतनगर से फोन खरीदकर 40 एजेंटों को दिए

त्रिवेदी ने बताया कि आरोपी झाला ने हिम्मतनगर की एक दुकान से 40 स्मार्ट फोन खरीदे थे। यह 40 फोन उसने अपने एजेंटों को दिए थे। यह फोन किन्हें दिए गए। इन फोन की रिकवरी करनी है, उसमें डाटा की जांच करनी है। इसके लिए आरोपी की हिरासत जरूरी है।

422 करोड़ निवेश का चला पता, 172 करोड़ चुकाने बाकी

सरकारी वकील त्रिवेदी ने बताया कि जांच में सामने आया कि झाला की वेबसाइट पर की गई एंट्री के मिले रेकॉर्ड के तहत निवेशकों के पास से इसने 422 करोड़ 96 लाख रुपए का निवेश लिया है। उसमें से कईयों को रुपए लौटाए भी हैं। हालांकि फिर भी 172 करोड़ रुपए चुकाने बाकी हैं। इस संबंध में जांच बाकी है।