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आदिवासी गांव बना सरकारी नौकरी का ‘मॉडल’, 4 साल में लगी 78 सरकारी नौकरियाँ

गुजरात के आदिवासी क्षेत्र के एक गांव पूरे देश के लिए आदर्श बन गया है। क्या है इसकी वजह? आइए नज़र डालते हैं।
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अहमदाबाद

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Tanay Mishra

•

Updated: 15 Mar 2026, 8:29 AM IST

Nani Bhatlav village

Nani Bhatlav village

गुजरात के आदिवासी क्षेत्र का छोटा सा गांव नानी भटलाव पूरे देश के लिए शिक्षा और करियर निर्माण का आदर्श बन गया है। युवा सरपंच की दूरदर्शिता और ग्रामीणों के सहयोग से यहां शिक्षा की ऐसी पहल शुरू हुई, जिसने कई युवाओं का भविष्य बदल दिया। पिछले 4 साल में गांव और आसपास के क्षेत्र के 78 युवक-युवतियों ने पुलिस, शिक्षक और वन विभाग जैसी सरकारी नौकरियों में सफलता हासिल की है। यह आदिवासी गांव सरकारी नौकरी का 'मॉडल' बन गया है।

कोरोना काल में हुई परिवर्तन की शुरुआत

परिवर्तन की शुरुआत कोरोना काल में हुई, जब सरपंच ने 30,000 रुपए का ऋण लेकर प्राथमिक स्कूल में लाइब्रेरी शुरू की। पहले ही वर्ष में 8 युवाओं का कांस्टेबल और चार का एएसआई पद पर चयन हुआ। धीरे-धीरे यह पहल मज़बूत संस्था में बदल गई। आज ‘वतन प्रेम योजना’ और ‘मुकुल ट्रस्ट’ के सहयोग से 17.50 लाख रुपए की लागत से भव्य पुस्तकालय भवन तैयार है, जिसमें 24 घंटे अध्ययन की सुविधा, अलग-अलग बैठने की व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं का पूरा स्टडी मैटेरियल उपलब्ध है।

गांव में बढ़ रही युवाओं की उपस्थिति

गांव में 1.25 लाख रुपए की लागत से विशेष प्रैक्टिस मैदान भी बनाया गया है, जहाँ युवा कोच के मार्गदर्शन में शारीरिक दक्षता की तैयारी करते हैं। यही वजह है कि पुलिस और वन विभाग की भर्ती में गांव के युवाओं की उपस्थिति लगातार बढ़ रही है।

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