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पश्चिम रेलवे का गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र व एमपी में 6175 किमी नेटवर्क

72वां स्थापना दिवस मनाया

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पश्चिम रेलवे का गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र व एमपी में 6175 किमी नेटवर्क

रोशनी से सजा मुंबई में चर्चगेट स्थित पश्चिम रेलवे का प्रधान कार्यालय।

अहमदाबाद/मुंबई. पश्चिम रेलवे का 72वां स्थापना दिवस शनिवार को मनाया गया। पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक (प्रभारी) प्रकाश बुटानी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को काम के प्रति समर्पण की सराहना की।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार 70 से अधिक वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा में वर्तमान में पश्चिम रेलवे के अंतर्गत महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के कुछ हिस्सों में ब्रॉड गेज, मीटर गेज और नैरो गेज खंडों को मिलाकर 6175.9 किलोमीटर लंबर एक विस्तृत रेलवे नेटवर्क है।

ऐसे हुई स्थापना

बॉम्बे, बड़ौदा और सेंट्रल इंडिया रेलवे कंपनी (बीबी एंड सीआई) का गठन 1855 में किया गया था, जिसकी शुरुआत गुजरात राज्य में पश्चिमी तट पर अंकलेश्वर से सूरत के उत्तर में उत्राण तक 29 मील ब्रॉडगेज ट्रैक के निर्माण के साथ हुई थी एवं इसका मुख्यालय सूरत में था। 21 नवंबर 1855 को कंपनी ने ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ सूरत से बड़ौदा और अहमदाबाद तक एक रेलवे लाइन बिछाने के लिए एक समझौता किया।
इसके साथ ही पश्चिमी बंदरगाह में गुजरात में पैदा की जाने वाली कपास की भरपूर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्राण से तत्कालीन बॉम्बे तक एक लाइन शुरू करने के लिए एक और अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके अगले वर्ष लाइन पर काम शुरू हुआ और उत्राण से बॉम्बे में ग्रांट रोड स्टेशन तक की लाइन को आधिकारिक तौर पर 28 नवंबर 1864 को खोला गया, जिससे मुंबई में पश्चिमी लाइन की शुरुआत हुई थी।
बॉम्बे शहर तक एवं उसके भीतर बीबी एंड सीआई की लोकल लाइन की वास्तविक स्थापना की प्रक्रिया और विशेष रूप से दक्षिण में पहले टर्मिनस ग्रांट रोड की पहचान एक जटिल मुद्दा था। हालांकि पश्चिमी लाइन की पहली रेल का उद्घाटक रन ग्रांट रोड टर्मिनस स्टेशन तक था लेकिन, यह टर्मिनस बड़ी आबादी की पर्याप्त रूप से सेवा नहीं कर सकता था जो आगे दक्षिणी भाग-फोर्ट या कोलाबा की छावनी में या आस पास बसी हुई थी।
इसलिए फोर्ट क्षेत्र के पश्चिमी हिस्से के बाहर और पश्चिमी खाड़ी के साथ बैक-बे तक इस लाइन का विस्तार करने का निर्णय लिया गया था। इस स्टेशन को बाद में चर्चगेट कहा गया। पश्चिम रेलवे, मुंबई शहर के साथ विकसित हुई है और मुंबई शहर, पश्चिम रेलवे के साथ विकसित हुआ है और इस प्रकार ये दोनों एक दूसरे के विकास के पर्याय बने।
वर्तमान स्वरूप में पश्चिम रेलवे 5 नवंबर 1951 को अपनी अग्रदूत, तत्कालीन बॉम्बे, बड़ौदा और सेंट्रल इंडिया रेलवे कंपनी (बीबी और सीआई) के अन्य स्टेट रेलवे जैसे सौराष्ट्र, राजपूताना और जयपुर के साथ विलय से अस्तित्व में आई। पश्चिम रेलवे का वर्तमान क्षेत्राधिकार छह डिवीजनों यानी मुंबई सेंट्रल, वडोदरा, अहमदाबाद, राजकोट, भावनगर और रतलाम तक फैला हुआ है।

1961 में उपनगरीय ट्रेन व 1972 में राजधानी एक्सप्रेस की शुरुआत

3 मार्च 1961 को पश्चिम रेलवे ने मुंबई शहर में यात्रियों की बढ़ती मांग के कारण 9 कोच वाली उपनगरीय ट्रेनों की शुरुआत की। 1972 में पश्चिम रेलवे ने भारतीय रेलवे नेटवर्क की सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्ततम लाइनों में से एक पर मुंबई-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत की थी। इस वर्ष इस प्रतिष्ठित ट्रेन ने 50 गौरवशाली वर्ष पूरे किए और इसके पहले रन की स्वर्ण जयंती बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाई गई थी।

इस साल दुनिया की पहली महिला विशेष व वंदे भारत ट्रेन

दुनिया की पहली महिला विशेष ट्रेन, पहली 15-कार उपनगरीय ट्रेन और भारत में पहली पूरी तरह से वातानुकूलित उपनगरीय ट्रेन की शुरुआत से लेकर पश्चिम रेलवे ने विभिन्न क्षेत्रों जैसे परिचालन, संरक्षा और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी को अपनाने में उत्कृष्ट स्थान अर्जित करते हुए एक के बाद एक मील के पत्थर स्थापित किए हैं। 1850 के दशक में ब्रिटिश काल में स्थापना के बाद से पश्चिम रेलवे ने बार-बार अपनी श्रेष्ठता साबित की है। पश्चिम रेलवे की ओर से मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर केपिटल स्टेशनों के बीच इस साल 30 सितंबर से अत्याधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की शुरुआत की गई है।

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