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अहमदाबाद सिविल अस्पताल: चार घंटे में दो ब्रेन डेड व्यक्तियों के 7 अंगों का दान

मध्यप्रदेश के 17 वर्षीय किशोर के चार अंग, महेमदाबाद के 63 वर्षीय बुजुर्ग के तीन अंग मिले दान में

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अहमदाबाद सिविल अस्पताल: चार घंटे में दो ब्रेन डेड व्यक्तियों के 7 अंगों का दान

अहमदाबाद सिविल अस्पताल: चार घंटे में दो ब्रेन डेड व्यक्तियों के 7 अंगों का दान

एशिया के सबसे बड़े अस्पतालों में शामिल अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में 29 फरवरी को चार घंटे में दो ब्रेन डेड व्यक्तियों के सात अंगों को दान में देने की घटना हुई। इन दोनों ही ब्रेन डेड व्यक्तियों के परिजनों ने अंगदान कर सात लोगों को नया जीवन देने का कार्य किया है। यह सिविल अस्पताल में हुआ 145वां और 146वां ब्रेन डेड व्यक्ति का अंगदान था।

सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ.राकेश जोशी ने बताया कि चार साल में एक बार फरवरी महीने में 29 फरवरी का दिन आता है। वर्ष 2024 का 29 फरवरी का दिन अंगदान के मामले में कई लोगों को प्रेरणा देने वाला साबित हुआ। ऐसा इसलिए है, क्योंकि इस दिन महज चार घंटे में दो ब्रेनडेड व्यक्तियों के अंगों को दान में दिया गया।

जोशी ने बताया कि मध्यप्रदेश के धार जिले के पीपलडा गांव निवासी साढ़े 17 वर्षीय राहुल भंवर गांधीनगर के कुडासण में गिर गया था। उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। उसे पहलेे निजी अस्पताल में भर्ती किया गया जहां से उसे सिविल अस्पताल में रैफर किया गया। सिविल अस्पताल में चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया। सुधार नहीं होने पर 29 फरवरी को अस्पताल के चिकित्सकों की टीम ने उसे ब्रेनडेड घोषित कर दिया।

अस्पताल के सोट्टो की टीम ने मृतक के पिता फूल सिंह को ब्रेनडेड व्यक्ति की स्थिति। अंगदान के महत्व के बारे में बताया तो उन्होंने अन्य लोगों को नई जिंदगी देने के लिए बेटे के अंगों को दान में देने की मंजूरी दे दी। इसके चलते उसके चार अंग दान में लिए गए। इसमें एक लिवर, दो किडनी, एक हृदय दान में मिला। राहुल 145वां ब्रेनडेड अंगदाता बना।

जोशी ने बताया कि खेड़ा जिले की महेमदाबाद तहसील के खंभाली गांव निवासी 63 वर्षीय प्रताप भाई सोलंकी भी गिर गए थे, जिससे उनके सिर में चोट आई। उन्हें पहले खात्रज चार रास्ते पर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती किया वहां से अहमदाबाद सिविल अस्पताल लाया गया।

उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ जिससे चिकित्सकों ने उन्हें ब्रेनडेेड घोषित कर दिया। उनके पुत्र व बड़े भाई को सोट्टो की टीम ने अंगदान के बारे में बताया, जिससे उन्होंने 29 फरवरी को अंगदान की स्वीकृति दी। इस पर सोट्टो की टीम ने उनके के एक लिवर, दो किडनी का दान लिया। प्रतापभाई 146वें ब्रेनडेड अंगदाता बने।

सिविल अस्पताल में अब तक इन 146 ब्रेनडेड व्यक्तियों की ओर से 467 अंग दान में मिले हैं। इससे 450 लोगों को नया जीवन मिला है।

सभी अंगों का यूएन मेहता, आईकेडीआरसी में प्रत्यारोपण

जोशी ने बताया कि इन दोनों ब्रेनडेड व्यक्तियों से कुल सात अंग दान में मिले। दान में मिले अंगों को मेडिसिटी कैंपस के तहत आने वाले यूएन मेहता हार्ट इंस्टीट्यूट और आईकेडीआरसी में जरूरतमंद मरीजों में प्रत्यारोपित किया गया।