7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Ahmedabad: साइबर ठग गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार, 3.18 करोड़ जब्त

-पालड़ी थाने की टीम ने की कार्रवाई, 24 हजार की साइबर ठगी की जांच में हुआ बड़ा खुलासा

2 min read
Google source verification
Cyber crime accused

Ahmedabad. शहर के पालड़ी थाने की टीम ने साइबर ठगी से जुड़े एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए शनिवार को उसके छह सदस्यों को पकड़ा है। इनके पास से 3.18 करोड़ रुपए की राशि, 15 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। 8 अगस्त को एक व्यक्ति की ओर से दर्ज कराई 24988 रुपए की साइबर ठगी की शिकायत की जांच में बड़ा खुलासा हुआ।

पकड़े आरोपियों में साबरकांठा जिले की इडर तहसील के गंभीरपुरा गांव निवासी हाल शाहीबाग यू एन मेहता अस्पताल के सामने रहने वाला आरिफखान मकराणी (32), मेहसाणा जिले के लाखवड गांव निवासी अश्विनकुमार पटेल (41), गांधीनगर जिले की कलोल तहसील के कोठियावाली चाली टावर के पास रहने वाला स्मित चावड़ा (20), अहमदाबाद आस्टोडिया पखाली की पोल निवासी राकेश प्रजापति (24), गांधीनगर जिले की माणसा तहसील के इटादरा गांव निवासी जगदीश पटेल (33), अहमदाबाद वस्त्रापुर निवासी जस्मिन खंभायता (38) शामिल हैं।

दो अकाउंट से सेल्फ चेक से निकाले थे 3.18 करोड़

पुलिस के तहत 24 हजार की साइबर ठगी की जांच में पता चला कि तीसरे लेयर में जिन बैंक खातों में यह ठगी की राशि जमा हुई थी। उसमें से यूनियन बैंक के दो अकाउंट शामिल हैं। इन दो बैंक अकाउंट से सेल्फ चेक के जरिए तीन करोड़ 18 लाख रुपए निकाले गए हैं। इतनी बड़ी राशि बैंक खाते में जमा होने और फिर उसे निकालने के संबंध में शंका होने पर पुलिस ने खाताधारकों को बुलाकर पूछताछ की। वे इतनी बड़ी राशि उसके खाते में कैसे जमा हुई, किसने की और उसने क्यों निकाली उस संबंध में योग्य व संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

ऐसे में खाता धारकों की ओर से सेल्फ चेक से निकाली गई 3.18 करोड़ की राशि को जांच के सिलसिले में जब्त कर लिया। इस लेनदेन और निकासी से जुड़े छह लोगों को पकड़ लिया। इनसे 15 मोबाइल फोन, तीन चेक, नौ चेकबुक जब्त की हैं। आरोपी साइबर ठग गिरोह से जुड़े हैं। जिन बैंक खातों में राशि जमा हुई है, उनमें से एक बैंक खाते के विरुद्ध साइबर ठगी से जुड़े समन्वय पोर्टल पर 136 शिकायतें मिली हैं। अन्य एक खाते के विरुद्ध 516 शिकायतें मिली हैं, जिसमें 22 करोड़ से ज्यादा का ट्रांजेक्शन हुआ है। उसमें से 9.68 करोड़ रुपए विवादास्पद राशि जमा होने की बात सामने आई है।