
अंबाजी मेलेेे में प्रसाद बनाने वाले कैटरर्स के घी के नमूने फेल
अहमदाबाद.हिम्मतनगर. अंबाजी भादरवी पूनम मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद बनाने वाले मोहिनी कैटरर्स के घी के लिए गए नमूने फेल पाए गए। बताया जाता है कि जांच के दौरान बरामद किया गया 2820 किलो घी मिलावटी था। घी के लिए गए नमूनों की रिपोर्ट के परिणाम सब स्टैंडर्ड आने पर साबर डेयरी ने इस फर्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
गुजरात के खाद्य एवं औषध विभागायुक्त डॉ. एच.जी. कोशिया के अनुसार अंबाजी के भादरवी मेले के दौरान शुद्ध एवं सुरक्षित प्रसाद मिल सकने के उद्देश्य से विभाग की बनासकांठा की टीम ने मोहिनी कैटरर्स के यहां गत 28 अगस्त को जांच की थी। श्री आरासुरी अंबाजी माता देवस्थान ट्रस्ट की ओर से प्रसाद बनाने का ठेका इसी कैटरर्स को दिया गया था। प्रसाद में उपयोग में लिए जाने वाले घी को कैटरर्स के यहां जांचा-परखा तो प्राथमिक रूप से उसमें मिलावट की पुष्टि हुई थी। इसके बाद सभी घी को बरामद कर लिया गया जिसकी कीमत लगभग आठ लाख रुपए थी।डॉ. कोशिया ने बताया कि कैटरर्स के जिम्मेदार व्यक्ति के रूप में आलोक झझारिया के पास से भादरवी पूनम के मेले से पूर्व घी के दो लीगल नमूने लिए गए थे। इन दोनों की रिपोर्ट के परिणाम सब स्टैंडर्ड आए हैं। बताया गया है कि अमूल ब्रांड के नाम पर सस्ते के लालच में यह मिलावटी घी खरीदा गया था। विभाग ने यहां से 15 किलो के कुल 188 टीन जप्त किए हैं। इस संबंध में अंबाजी मंदिर ट्रस्ट को भी अवगत करा दिया गया था। इससे ट्रस्ट ने बनास डेयरी में से प्रसाद के लिए शुद्ध घी उपलब्ध करवा लिया था।
47 मंदिरों को भोग सर्टिफिकेशन
डॉ. कोशिया के अनुसार राज्य के बड़े धार्मिक स्थलों का नई दिल्ली स्थित एफएसएसएआई की ओर से मान्य स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से 47 मंदिर परिसरों की ट्रैनिंग और ऑडिट करवाई गई थी। इन सभी मंदिरों को ब्लिसफुल हाईजिनिक ऑफरिंग टू गॉड (भोग) Blissful Hygienic Offering to God (Bhog) सर्टिफिकेशन दिया गया है। इन 47 मंदिरों में अंबाजी मंदिर भी शामिल है। इस सर्टिफिकेशन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर में शुद्ध एवं सात्विक प्रसाद और भोजन उपलब्ध करवाना है।घी के नमूने मानकों को पूरा करने में विफल
साबर डेयरी की ओर से जारी बयान के अनुसार प्रयोगशाला परीक्षण के दौरान घी के नमूने आवश्यक गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में विफल रहे। इसके चलते साबर डेयरी ने इस फर्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। घी के डिब्बों पर अमूल का लेबल लगा था जिसमें लिखा था कि इन्हें साबर डेयरी की ओर से पैक किया गया था। साबर डेयरी ने स्पष्ट रूप से इसका खंडन किया है। जांच से पता चला है कि मोहिनी कैटरर्स की ओर से अंबाजी मंदिर ट्रस्ट को आपूर्ति किए गए घी के डिब्बों पर साबर डेयरी का डुप्लीकेट लेबल लगा था। साबर डेयरी ने पहले ही अंबाजी थाने में मोहिनी कैटरर्स और घटिया घी की आपूर्ति से जुड़े अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ अमूल घी के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत करने पर मामला दर्ज करवाया था।
शिकायत के अनुसार घी के सीलबंद टिन पर बैच नंबर, टिन विनिर्देश और लेबल अमूल फेडरेशन की ओर से स्थापित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं हैं।गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक जयेन मेहता ने कहा कि फेडरेशन से संबद्ध कोई भी डेयरी संघ ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं है।
Published on:
03 Oct 2023 10:12 pm

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