
आरती के अंगदान से पांच लोगों की जिंदगी में हुआ उजियारा
अहमदाबाद. आरती नाम की 19 वर्षीय ब्रेनडेड युवती के अंगदान से पांच लोगों की जिंदगी में फिर से उजियारा हुआ है। मोरबी निवासी आरती के ब्रेनडेड होने पर उसके परिजनों को जब अंगदान के जरिए कई लोगों की जिंदगी बचाए जाने के बारे में बताया तो वे उसके अंगों का दान करने के लिए तैयार हो गए। जिससे पांच लोगों में आरती के अंगों का प्रत्यारोपण कर उनके अंधकारमय हो रहे जीवन में उजियारा फैलाया गया।
सिविल अस्पताल में ब्रेनडेड हुई आरती की एक किडनी को सुरेन्द्रनगर के 11 वर्षीय बालक में जबकि दूसरी किडनी और पेन्क्रियाज जूनागढ़ के 34 वर्षीय मरीज में प्रत्यारोपित किया गया। सिविल अस्पताल में पहली बार लीवर के दो हिस्से कर उसे दो लोगों में प्रत्यारोपित किया गया। जिसके तहत आरती के लीवर का 75 फीसदी हिस्सा वीरमगाम के 53 वर्षीय मरीज में और 25 फीसदी हिस्सा महेसाणा के छह वर्षीय बालक में प्रत्यारोपित कर उसे नई जिंदगी दी गई।
आरती के ब्रेनडेड होने के बाद उसके परिजनों को सिविल अस्पताल की स्टेट ऑर्गन टिस्यू एंड ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन टीम की ओर से अंगदान के लिए समझाया गया।
बच्ची को खोने का गम, खुशी है अन्य की जान बची
आरती के परिजनों का कहना था कि उन्हें 19 साल की कम आयु में ही उनकी बच्ची को खोने का गम है। लेकिन खुशी इस बात की है कि अंगदान के जरिए वह इस दुनिया से जाते जाते पांच लोगों की जिंदगी बचा गई है। अंगदान के महत्व को समझते हुए हमने उसके अंगों का दान किया है। अंगदान का निर्णय परिवार ने काफी हिम्मत के साथ किया है।
नौ महीने में 9 अंगदान, 27 लोगों को लाभ
आरतीबेन के परिजनों ने अंगदान कर राज्य के लोगों के लिए एक उदाहरण पेश किया है। सिविल अस्पताल में बीते 9 महीनों में ब्रेनडेड हुए 9 लोगों के परिजनों ने अंगदान का महादान किया है, जिसके जरिए 27 लोगों की जिंदगी बचाई जा सकी। जिससे 10 में लीवर, 15 में किडनी, 2 में स्वादुपिंड और 24 में आंखों का प्रत्यारोपण किया गया।
-डॉ.राकेश जोशी, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल अहमदाबाद
Published on:
11 Sept 2021 10:54 pm

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