
मियावाकी पद्धति से एक घंटे में 3.61 लाख पौधे लगाने पर गिनीज वर्ल्ड रेकॉर्ड का प्रमाण-पत्र प्राप्त करते महापौर हितेश बारोट, मनपा आयुक्त बंछानिधि पाणी व अन्य पदाधिकारी।
Ahmedabad. अहमदाबाद महानगर पालिका (एएमसी) ने रविवार को पौधारोपण क्षेत्र में विश्व रेकॉर्ड बनाया। शहर के भाड़ज क्षेत्र में मियावाकी पद्धति से मजह एक घंटे के भीतर 3.61 लाख पौधे लगाकर गिनीज वर्ल्ड रेकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराया। करीब 91,006 वर्गमीटर क्षेत्र में छेड़े गए पौधारोपण के महाअभियान के तहत 76 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में पौधारोपण किया गया। इसमें 25 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने सक्रियता के साथ भाग लिया।
यह विश्व रिकॉर्ड केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में बनाया गया। शाह गांधीनगर लोकसक्षा के सांसद हैं। इस विशेष क्षण में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा, महापौर हितेश बारोट, मुख्य सचिव एम.के.दास व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
शहर के उत्तर-पश्चिम जोन के थलतेज वार्ड स्थित टीपी-30, एफपी नंबर 255 एवं 246, सत्वम हाइट्स के पास, गोता-गोधवी नहर किनारे भाड़ज में आयोजित इस अभियान के दौरान मियावाकी पद्धति से 35 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के 3.61 लाख पौधे एक ही स्थान पर एक घंटे में लगाए गए। इसी उपलब्धि के आधार पर अहमदाबाद मनपा ने गिनीज वर्ल्ड रेकॉर्ड अपने नाम दर्ज कराया। अभियान के तहत गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में 1.25 करोड़ तथा अहमदाबाद मनपा क्षेत्र में 50 लाख पौधे लगाने का भी संकल्प लिया गया।
इस महाअभियान में अहमदाबाद महानगर पालिका के सभी विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अलावा स्कूल बोर्ड, बीएपीएस संस्था, क्रेडाई, पुलिस विभाग, एनसीसी कैडेट्स, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्थाओं और हजारों नागरिकों ने भी योगदान दिया। अहमदाबाद महानगर पालिका की ओर से गिनीज वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाने और उसका प्रमाण पत्र मिलने में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मनपा प्रशासन और पदाधिकारियों तथा लोगों की सक्रियता और इस प्रयास की सराहना की।
मनपा ने जानकारी दी कि अभियान में स्थानीय प्रजातियों के पर्यावरण अनुकूल पौधे लगाए हैं। ये पौधे भविष्य में जैव विविधता के संरक्षण, वायु प्रदूषण में कमी, कार्बन अवशोषण, तापमान नियंत्रण तथा शहर के हरित क्षेत्र को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह विश्व रिकॉर्ड केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और सतत शहरी विकास का प्रतीक भी है।
Updated on:
12 Jul 2026 10:15 pm
Published on:
12 Jul 2026 10:00 pm
