18 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

शव की गुत्थी सुलझी, पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर की थी हत्या

-सुरेंद्रनगर जिले में नहर में फेंका था शव, अवैध संबंध के चलते उतारा मौत के घाट, अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर हत्या की गुत्थी को सुलझाया

2 min read
Google source verification
Ahmedabad crime branch

अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आरोपी।

Ahmedabad. सुरेन्द्रनगर जिले में नहर के पास मिले एक व्यक्ति के शव और उसकी हत्या की गुत्थी को अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच ने सुलझाने में सफलता पाई है। इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने मृतक की पहचान सुनिश्चित करते हुए हत्या के आरोप में उसकी पत्नी जागृति गोस्वामी और पत्नी का प्रेमी कांतिलाल उर्फ भरत साबरिया को रविवार को गिरफ्तार कर लिया।क्राइम ब्रांच के तहत मृतक की शिनाख्त सुरेन्द्रनगर जिले की ध्रांगध्रा तहसील के सोलडी गाम निवासी शांतिगिरी गोस्वामी के रूप में की गई है। इस संबंध में सुरेन्द्रनगर पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया था। क्राइम ब्रांच की गहन जांच में सामने आया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।

जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी जागृति के लंबे समय से आरोपी कांतिलाल उर्फ भरतभाई साबरिया से अवैध संबंध थे। जागृति का पति से घरेलू विवाद और व्यक्तिगत मतभेद था। इसके चलते जागृति और कांतिलाल ने मिलकर जागृति के पति शांतिगिरी गोस्वामी की हत्या की साजिश रची। जिसके तहत दोनों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। कांतिलाल ने सबूत मिटाने में भी सक्रिय भूमिका निभाई,। जागृति ने योजना बनाने और अपराध छिपाने में सहयोग किया। दोनों ने यह दिखाने की कोशिश की कि शांतिलाल घर छोड़कर चला गया है। हत्या का पता न चले इसलिए उसने शांतिलाल की गुमशुदगी की कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। क्राइम ब्रांच की जांच और मुखबिर की सूचना में हत्या का खुलासा हुआ। शहर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में पकड़े गए दोनों ही आरोपियों की गिरफ्तारी की सूचना सुरेन्द्रनगर पुलिस को दी है। जल्द ही इस मामले में आरोपियों की हिरासत सुरेन्द्रनगर पुलिस लेकर आगे की जांच करेगी।

डेढ़ साल पहले पत्नी ने ही दी थी सुपारी

क्राइम ब्रांच के तहत जांच में सामने आया कि करीब डेढ़ साल पहले जागृति ने बनासकांठा जिले के डीसा निवासी यूनुस मेमन संपर्क कर पति शांतिलाल की हत्या की सुपारी दी थी। यूनुस मेमन शांतिलाल का मित्र था, जिससे उसने शांतिलाल की हत्या नहीं की। जागृति से पैसे लेने के लिए उसने शांतिलाल के सोते हुए का फोटो भेज दिया और बताया कि काम पूरा हो गया। इसके बदले उसने जागृति से 25,000 रुपए ले लिए थे।यह साजिश विफल रहने पर उसने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या कर दी।