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आगे बढ़ने को जिज्ञासा, नया सीखने की उत्सुकता होना जरूरी: सक्सेना

भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान का सोमवार को 25वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। इसमें लद्दाख के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह में 98 विद्यार्थियों को डिग्री, डिप्लोमा प्रदान किए गए।

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EDII 25th Convocation

ईडीआइआइ के 25वें दीक्षांत समारोह में उपस्थित मुख्य अतिथि।

Ahmedabad. केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख के उप राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने कहा, महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने के बाद अक्सर यह भ्रम हो जाता है कि हमारी शिक्षा पूरी हो चुकी है। लेकिन यह सच नहीं है। निरंतर बदलती दुनिया में आगे बढ़ने के लिए व्यक्ति में जिज्ञासा, कुछ नया सीखने की उत्सुकता का होना जरूरी है। यह बेहतर पेशेवर के रूप में विकसित होने के लिए भी जरूरी है।

वे सोमवार को भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआइआइ) के 25वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि डिग्री लेने वाले विद्यार्थियों से कहा कि आप एक विद्यार्थी और शोधार्थी बने रहें। ज्ञान प्राप्त करने की यही प्यास आपकी क्षमताओं को मजबूत करेगी और आपको आज की निरंतर बदलती दुनिया का सामना करने के लिए तैयार बनाएगी।

ईडीआइआइ के अध्यक्ष तथा आइडीबीआइ बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी राकेश शर्मा ने कहा, “नवाचार उद्यमिता की आधारशिला बना हुआ है। संस्थान के पूर्व विद्यार्थियों ने इस भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे चुनौतियों का सामना रचनात्मकता एवं उद्देश्यपूर्ण दृष्टिकोण के साथ करें। अस्थिरता, अनिश्चितता, जटिलता और अस्पष्टता से परिभाषित इस दुनिया में अनुकूलन क्षमता अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है। इस अवसर पर संस्थान के गवर्निंग बोर्ड के सदस्य गोपाल झा, डॉ. मिलिंद कांबले, राजेश गांधी, डॉ. ओ. पी. गोयलव अन्य शामिल हैं।

विकास मॉडलों के बीच उद्यमिता की भूमिका महत्वपूर्ण: डॉ.शुक्ला

संस्थान के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा, “पिछले चार दशकों से अधिक समय के दौरान हमने उद्यमिता की भावना में उल्लेखनीय वृद्धि देखी है। आज सभी नीतियों और विकास मॉडलों के बीच उद्यमिता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। स्टार्ट-अप की लहर युवाओं को उद्यमिता को एक करियर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। प्रसन्नता है कि उद्यमियों को तैयार करने में प्रशिक्षण और मेंटरशिप के महत्व को पहले से कहीं अधिक मान्यता मिली है। दीक्षांत समारोह में 98 विद्यार्थियों और स्कोलर्स को डिप्लोमा तथा उत्तीर्णता प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। स्नातक बैच में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट – एंटरप्रेन्योरशिप (पीजीडीएम-ई) के 76 विद्यार्थी, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट – इनोवेशन एंटरप्रेन्योरशिप एंड वेंचर डेवलपमेंट (पीजीडीएम-आईईवी) के 8 विद्यार्थी, पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट ऑनलाइन (पीजीडीएम-ऑनलाइन) के 11 विद्यार्थी तथा फेलो प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (एफपीएम) के 3 विद्यार्थी शामिल हैं। पीजीडीएम-ई के 38 विद्यार्थियों ने अपनी 5 वर्षीय परिप्रेक्ष्य विकास योजना को अंतिम रूप दिया है, वहीं पीजीडीएम-ई और पीजीडीएम-आईईवी कार्यक्रमों के 46 विद्यार्थियों ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की है।