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अहमदाबाद

Ahmedabad video: खालिस्तानी आतंकी पन्नू ने क्रिकेट वर्ल्डकप को लेकर दी धमकी

Ahmedabad cyber crime register fir against pannu साइबर क्राइम ने दर्ज की प्राथमिकी, नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में चाकचौबंद होगी सुरक्षा, 5 अक्टूबर को होना है वर्ल्ड कप का आगाज

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Ahmedabad. शहर के मोटेरा इलाके में स्थित नरेन्द्र मोदी स्टेडियम में 5 अक्टूबर को आईसीसी क्रिकेट वर्ल्डकप 2023 का आगाज होना है। इस वर्ल्डकप के आगाज के पहले खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने साथी आतंकी निज्जर सिंह की हत्या का बदला लेने और मोटेरा स्टेडियम में सिक्ख फॉर जस्टिस के फ्लैग फहराने की धमकी दी है। पन्नू की आवाज में ऐसी धमकी से भरे रेकॉर्डेड वॉइस मैसेज कॉल अहमदाबाद शहर के कई लोगों को मिले हैं। इसका पता चलने पर अहमदाबाद शहर पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने पन्नू व अन्य के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। पन्नू के खिलाफ यूएपीए, आईपीसी, आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत धाराएं लगाई गई हैं।

क्राइम ब्रांच के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) जे एम यादव ने बताया कि शहर के कई लोगों को ऐसे रेकॉर्डेड वॉइस मैसेज मिले हैं। इसमें दी गई धमकी को पुलिस ने गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू की है। यादव ने बताया कि 5 अक्टूबर को अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में वर्ल्डकप मैच का आगाज होने वाला है। इसकी सुरक्षा चाकचौबंद रहेगी। शहर पुलिस वर्ल्डकप मैच व उसमें आने वाले क्रिकेट प्रेमियों की सुरक्षा करने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।उन्होंने बताया कि इस प्रकार के धमकी भरे रेकॉर्डेड मैसेज पन्नू की ओर से पहले भी अहमदाबाद के लोगों को भेजे थे। अहमदाबाद में होने वाले मैच के दौरान ही ऐसी गतिविधि की धमकी दी थी। उस मामले में भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी और देशभर में अलग -अलग छापेमारी करते हुए 14 सिमबॉक्स बरामद किए थे और 7 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है।

सिमबॉक्स की एमओ का पर्दाफाश तो नई एमओ अपनाई

एसीपी यादव ने बताया कि इससे पहले जब धमकी दी थी तो उसकी जांच करते हुए आरोपी की ओर से मैसेज भेजने के लिए अपनाई गई सिमबॉक्स की मॉडस ऑपरेंडी का साइबर क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया था। जिससे पूरी एमओ विफल हो गई। इस बार उन्होंने नई एमओ अपनाई है। उसकी जांच कर जल्द ही इसमें लिप्त आरोपियों को पकड़ा जाएगा। पुलिस जांच में जुटी है।

लीक हुए डाटा के उपयोग की आशंका

साइबर क्राइम ब्रांच के उपायुक्त अजीत राज्यान ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि 2020 में लीक हुए एक एप्लीकेशन के डाटा का आरोपी की ओर से उपयोग किया जा रहा है। मीडिया, न्यायपालिका और लॉ एन्फोर्समेंट एजेंसी से जुड़े लोगों को यह मैसेज मिलने की बात सामने आई है। इसमें प्रथमदृष्टया इंटरनेट के उपयोग से कॉमर्शियल ब्रॉडकास्ट के लिए उपयोग में ली जाने वाली पद्धति अपनाए जाने का अनुमान है। मैच की सुरक्षा चाकचौबंद रहेगी।