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Ahmedabad: जाली नोट मामले में बड़ा खुलासा, प्रदीप गुरु की थी 50 फीसदी की हिस्सेदारी

-एक और आरोपी के नाम का हुआ खुलासा, चीन जाने के मिले प्रमाण

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Ahmedabad Crime branch

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आरोपी (फाइल फोटो)।

Ahmedabad. शहर क्राइम ब्रांच की ओर से अमराईवाड़ी और सूरत में दबिश देकर 2.38 करोड़ रुपए के 500 के दर के जाली नोट जब्त करने के मामले में और भी कई अहम खुलासे हुए हैं। जाली नोट मामले की जांच से जुड़े क्राइम ब्रांच के पीआइ एस.जे.जाडेजा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया कि जांच में सामने आया कि इस मामले का मुख्य आरोपी प्रदीप गुरु है। उसकी इन जाली नोट मामले में 50 फीसदी की हिस्सेदारी थी। अन्य 50 फीसदी में अन्य आरोपियों का हिस्सा था। प्रदीप गुरु के निर्देश पर ही जाली नोट को छापने का काम महेश ने शुरू किया था। इस मामले में एक और आरोपी अशोक मावाणी के नाम का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि उसके घर पर भी नोटों को छापने को लेकर षडयंत्र रचने की बैठक हुई थी।

फरवरी में चीन गया था प्रदीप, मिले सबूत

जाडेजा ने बताया कि सूरत में सत्यम योग फाउंडेशन के नाम पर आश्रम चलाने वाले योग गुरु प्रदीप की ट्रैवल हिस्ट्री देखने पर पता चला कि प्रदीप फरवरी महीने में चीन गया था। जाली नोट छापने में विशेष पेपर का इस्तेमाल किया गया है, वह भी चीन से ही मंगाया गया था। ज्यादा संख्या में जाली नोट छापने के लिए वह चीन की गोंझाऊ सिटी गया था। वहां उसने एजेंट के जरिए अच्छे पेपर, मशीन और पेमेंट करने की बातचीत की थी।

लैपटॉप से मिली एप, उसकी मदद से प्रिंट किए नोट

जाडेजा ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी मुकेश ने जो 500 की दर के जाली नोट छापे हैं। वह सिक्योर प्रिंट एजेंट नाम की एक एप्लीकेशन की मदद से छापे और उसके लैपटॉप से प्रिंट निकाली थी। इस एप के बारे में भी जांच की जा रही है। लैपटॉप से एप मिली है।

एक लाख के बदले तीन लाख के जाली नोट

जांच में सामने आरोपियों ने तय किया था कि एक लाख असली रुपए कोई दे तो ये उसे तीन लाख रुपए के जाली नोट देते थे। इन्होंने 33 फीसदी मुनाफा हो ऐसा तय किया था। आरोपियों ने जाली नोट छापने के लिए जरूरी विशेष कागज, एप, मशीन के लिए 17.50 लाख रुपए हवाला के जरिए चीन भेजे थे। 8 कार्टून भी मंगाया था। ऐसा लगता है कि ए 4 साइज में तीन नोट और 10 से 12 लाख रुपए छापकर बाजार में चला दिए हों।