
एआइ तस्वीर।
Ahmedabad. शहर की शहरी समस्याओं का नई तकनीक और नवाचार के माध्यम से समाधान करने के उद्देश्य से अहमदाबाद महानगर पालिका (मनपा) ने महत्वपूर्ण पहल की है। स्मार्ट सिटी अहमदाबाद डेवलपमेंट लिमिटेड (एससीएडीएल) के समन्वय में मनपा ने अहमदाबाद इनोवेशन और स्टार्टअप पॉलिसी 2026 घोषित की है, जो देश के मनपा स्तर पर अपनी तरह की एक अनूठी पहल है।
शुक्रवार को मनपा प्रशासक मुकेश कुमार की अध्यक्षता में हुई मनपा की स्थायी समिति की बैठक में इस पॉलिसी को पारित किया गया।पॉलिसी के तहत अहमदाबाद शहर अब देशभर के स्टार्टअप, युवा इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए एक “लिविंग लैबोरेटरी” के रूप में विकसित होगा। जहां वे अपने नवाचार और तकनीकी समाधानों का वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण कर सकेंगे। शहर में सड़कों के गड्ढों की शीघ्र मरम्मत से लेकर बाढ़ की पूर्वानुमान प्रणाली विकसित करने, कचरा प्रबंधन को अधिक स्मार्ट बनाना तथा वायु प्रदूषण को कम करने जैसे मुद्दों पर स्टार्टअप को सीधे अवसर प्रदान होंगे।
मनपा ने आगामी पांच वर्षों के लिए कुल 250 करोड़ के इनोवेशन फंड की घोषणा की है, जिसमें प्रति वर्ष 50 करोड़ आवंटित किए जाएंगे। इस फंड का उपयोग स्टार्टअप के पायलट प्रोजेक्ट, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट और सफल मॉडलों के विस्तार के लिए किया जाएगा। विशेष रूप से चयनित स्टार्टअप को 35 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, इस प्रक्रिया में किसी प्रकार के बिल या इनवॉइस की आवश्यकता नहीं होगी, जो स्टार्टअप के लिए एक बड़ी राहत है।
पॉलिसी के तहत प्रोक्योरमेंट थ्रेशोल्ड स्पष्ट रूप से निर्धारित किए गए हैं ताकि किसी प्रकार की अस्पष्टता न रहे। 7.5 लाख तक के प्रोजेक्ट्स के लिए पायलट फंडिंग सपोर्ट तथा प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट हेतु अनुदान को स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। 7.5 लाख तक के प्रमाणित (प्रूवन) सोल्यूशन्स के लिए डायरेक्ट प्रोक्योरमेंट और वर्क ऑर्डर जारी करने का अधिकार भी स्क्रीनिंग कमेटी के पास रहेगा। 7.5 लाख से 15 लाख तक के प्रोजेक्ट्स के लिए प्रमाणित सोल्यूशन्स हेतु डायरेक्ट प्रोक्योरमेंट और वर्क ऑर्डर जारी करने की अनुमति बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बीओएम) द्वारा दी जाएगी। 15 लाख से अधिक और 35 लाख तक के प्रोजेक्ट्स के लिए स्टार्टअप से सीमित बिड के माध्यम से बिड चैलेंज प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिसे बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट द्वारा अनुमोदित किया जाएगा। 35 लाख से अधिक के प्रोजेक्ट्स के लिए सभी फर्मों से ओपन बिड के साथ, राइट ऑफ फर्स्ट रिफ्यूजल (आरओएफआर) सहित बिड चैलेंज प्रक्रिया लागू होगी। ऐसे सभी मामलों में अंतिम अनुमोदन भी बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट (बीओएम) द्वारा दिया जाएगा।
पॉलिसी के तहत स्टार्टअप को शहर की प्रमुख सुविधाओं जैसे जल आपूर्ति नेटवर्क, कचरा संग्रहण प्रणाली, स्ट्रीट लाइटिंग, बीआरटीएस कॉरिडोर, ड्रेनेज सिस्टम और स्वास्थ्य केंद्रों तक सीधी पहुंच प्रदान की जाएगी। मनपा का जोर केवल प्रस्तुतियों पर नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यरत समाधानों पर रहेगा। मनपा ने स्टार्टअप को संपत्ति कर में भी राहत देने की घोषणा की है। मनपा के साथ कार्यरत स्टार्टअप को तीन वर्षों तक 50 प्रतिशत तक की कर छूट प्रदान की जाएगी, जो 250 वर्ग मीटर तक के कार्यालयों पर लागू होगी।
पीपीपी मॉडल के तहत को-वर्किंग स्पेस उपलब्ध कराए जाएंगे और शहर के कम उपयोग में आने वाले सामुदायिक हॉल तथा ऑडिटोरियम को इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जाएगा, हालांकि प्रत्यक्ष भूमि आवंटन नहीं किया जाएगा। जहां स्टार्टअप इवेंट, कार्यशालाएं और निवेशक बैठकें आयोजित की जा सकेंगी।स्टार्टअप द्वारा विकसित तकनीक और समाधान पर उनका ही स्वामित्व रहेगा। मनपा केवल उसके उपयोग का लाइसेंस लेगा। एससीएडीएल द्वारा केवल सफलता के पश्चात और मामले के आधार पर 2 प्रतिशत तक की इक्विटी ली जा सकती है,। पायलट चरण में कोई इक्विटी नहीं ली जाएगी। इनोवेशन बॉन्ड के माध्यम से निधि एकत्रित करने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है।
50 करोड़ से अधिक के मनपा प्रोजेक्ट्स में 15 प्रतिशत कार्य स्टार्टअप के लिए आरक्षित रखा जाएगा। स्टार्टअप के लिए एक कॉमन डिजिटल पोर्टल भी प्रारंभ किया जाएगा। इसमें डीपीआइआइटी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप के अलावा विद्यार्थी, शोधकर्ता और व्यक्तिगत इनोवेटर्स भी आवेदन कर सकेंगे।
Published on:
20 Mar 2026 11:10 pm
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