
अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की हिरासत में सीरिया का युवक।
Ahmedabad. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 अगस्त को अहमदाबाद आ रहे हैं। उससे पहले अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई की है। शहर से सीरिया के रहने वाले एक युवक को पकड़ा है। हालांकि उसके तीन साथी फरार हैं। क्राइम ब्रांच केन्द्रीय एजेंसी की मदद से युवक और उसके साथियों की जांच में जुटी है।
क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) शरद सिंघल ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया कि प्रथमदृष्टया युवक और उसके साथियों के अहमदाबाद में रैकी करने आए होने की आशंका है। युवक जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। उन्होंने बताया कि सूचना मिली कि 4 शंकास्पद व्यक्ति शहर की मस्जिदों में जाकर मौलाना और मुस्लिम समाज के लोगों से मिलते हैं। खुद को फिलिस्तीन गाजा निवासी बताकर गाजा के लोगों की मदद के लिए दान इकट्ठा कर रहे हैं। अरबी भाषा में बोलते हैं। क्राइम ब्रांच डीसीपी अजीत राज्यान और उनकी टीमों ने जांच शुरू की। पुख्ता सूचना पर शुक्रवार को एलिसब्रिज स्थित होटल रीगल रेसिडेंसी से अली मेघात अलजहर (23) को हिरासत में लिया। उससे 3600 अमरीकी डॉलर, 25 हजार भारतीय मुद्रा, दो मोबाइल मिले हैं। एक मोबाइल और सिमकार्ड इसने खुद के पासपोर्ट पर कोलकाता से लिया था। एक मोबाइल साथ लाया था। यह खुद को फिलिस्तीन का बता रहा था, लेकिन निवासी सीरिया के अल-मलीहा दमस्कस का है।
अली के तीन और साथी इसी होटल में ठहरे थे। येे भी सीरिया के रहने वाले हैं। वे फरार हैं। उनकी तलाश की जा रही है। उनके नाम , फोटो, पासपोर्ट की जानकारी सामने आई है। इनमें अहमद ओहेद अल्हबश, जकारिया हैथम अलजर, युसेफ खालिद अलजहर शामिल हैं। तीनों के विरुद्ध लुक आउट नोटिस जारी किया जा चुका है। इनके भारतीय बॉर्डर क्रॉस करते ही पकड़े जाएंगे।
सिंघल ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया कि अली और उसकेे अन्य तीन साथी 22 जुलाई को सीरिया से अबूधाबी और अबूधाबी से कोलकाता आए थे। दो माह का टूरिस्ट वीजा है। एक अगस्त को चारों अहमदाबाद आए। एलिसब्रिज की इस होटल में ठहरे थे। ये फिलिस्तीन-इजराइल के युद्ध प्रभावित क्षेत्र और वहां के लोगों का वीडियो, फोटो लोगों को दिखाकर उनके लिए फंड इकट्ठा करने की बात कह रहे हैं, लेकिन गाजा में फंड भेजने के अब तक सबूत नहीं मिले हैं। अबूधाबी से अहमदाबाद की सीधी फ्लाइट थी तो ये वाया कोलकाता क्यों आए उसकी जांच की जा रही है।प्रथम दृष्टया इनके रैकी करने आने और शंकास्पद व्यक्ति के संपर्क में होने की आशंका है। ये फिलिस्तीन में किससे संपर्क में था किसके लिए काम कर रहा था। उसकी संतोषजनक जानकारी नहीं दे हा रहा है। दुभाषिए की मदद से पूछताछ की जा रही है।
क्राइम ब्रांच एक अगस्त से अब तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। ये कहां-कहां गए, किस मस्जिद में किससे मिले, किस मुस्लिम समुदाय से मिले। किससे कितना पैसा एकत्र किया। मस्जिदों में भी टीमें जांच कर रही हैं। केवल अली से ही 3600 अमरीकी डॉलर, 25 हजार की नकदी मिली है, अन्य के पास कितनी होगी। इनका पैसे एकत्र करने की बात गले नहीं उतर रही है। दान जुटा रहे थे तो होटल में क्यों ठहरे इन सवालों के जवाब क्राइम ब्रांच तलाश रही है।
सिंघल ने बताया कि क्राइम ब्रांच सेंट्रल आईबी, एनआईए व अन्य एजेंसियों के साथ संकलन करके जांच कर रही है। पकड़े व्यक्ति और फरार व्यक्तियों का कोई आपराधिक इतिहास है या नहीं?। पकड़े व्यक्ति के शरीर पर गोली लगने का निशान है। ऐसे में शंका ज्यादा है कि कहीं ये किसी स्लीपर सेल से तो संपर्क में नहीं थे। या फिर अपना नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहे थे। ये किसी प्रतिबंधित आतंकी संगठन से तो नहीं जुड़े हैं, उसकी जांच की जा रही है।
सिंघल नेे बताया कि आरोपी 22 से एक अगस्त तक कोलकाता में ठहरे थे। वहां ये किसके संपर्क में थे। कहां ठहरे, किससे मिले, कितना फंड इकट्ठा किया। किसे और कैसेे भेजा उसकी जांच के लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम कोलकाता भी जाएगी।
Published on:
23 Aug 2025 10:49 pm
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