Ahmedabad. रसना समूह के अध्यक्ष डॉ.पीरुज खंबाता ने कहा कि ट्रंप ट्रैरिफ वॉर से हमें डरने की जरूरत नहीं है। यह भारत के लिए एक बड़ा अवसर है। आज जियो-पॉलिटिकल बदलाव होने जा रहा है। भारत ने सेवा के क्षेत्र में बहुत अच्छा किया है। अब बारी उत्पादन (मैन्युफेक्चरिंग) क्षेत्र में छलांग लगाने की है। अभी 50 फीसदी वस्तुएं मेड इन चाइना की बाजार में हैं। भारत इसमें आगे आ सकता है।
वे रविवार को भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई) के 43वें स्थापना दिवस समारोह को मुख्य अतिथि पद से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस टैरिफ वॉर के बीच भारत ने अभी हाल ही में जो यूएई, ऑस्ट्रेलिया के साथ गठजोड़ (टाइअप) किया है,वह बेहतर है। इससे हम विश्व के लिए उत्पादन करने की क्षमता प्राप्त सकेंगे। हमने लैपटॉप, मोबाइल और कार निर्माण में जो प्रगति की है। वह बाकी क्षेत्रों में भी कर सकेंगे।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने वीडियो संदेश के जरिए गोवा में स्टार्टअप, इनोवेशन, उद्यमिता के विकास में गुजरात सरकार व ईडीआईआई के योगदान को रेखांकित किया। संस्थान के गवर्निंग बोर्ड सदस्य दिनेश सिंह रावत ने भी अपने विचार व्यक्त किए। प्रो.डॉ.सत्य रंजन आचार्य ने आभार ज्ञापित किया।
भारत को खोलने चाहिए कृषि, डेयरी सेक्टर के द्वार
खंबाता ने कहा कि आज के समय में जब हम विदेशों में माल भेजने का कार्य कर रहे हैं, तो हमें भी कृषि और डेयरी सेक्टर को अन्य देशों के लिए खोलने चाहिए। इससे वैश्विक कंपनियां आएंगी और स्पर्धा बढ़ेगी। इससे सरकार और लोगों को फायदा होगा।